नईदिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे आंदोलन के बीच सोमवार को विवाद की स्थित बन गई जब प्रदर्शन कारी आंदोलन स्थल से संसद भवन की ओर कूच किए। तकरीबन दो किलोमीटर क्षेत्र में प्रदर्शन कारी ही नजर आ रहे, तो पुलिस प्रदर्शन को कंट्रोल करने के लिए भारी संख्या में मौजूद है। रास्तों पर बैरीकेट्रस लगाए है, दिल्ली की सीमांओं को भी शील किया गया। जिससे दूसरे राज्य से प्रदर्शन कारियों को रोका जा सकें।
यह है मामला
दरअसल शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। प्रदर्शनकारियों के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले हंगामा हुआ। सुबह 10 बजे पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इससे कई लोगों को चोटें आई हैं और कई लोगों के सिर भी फूट गए हैं। हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन में प्रदर्शनकारी घुस गए। कई लोग बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट थाने तक पहुंच गए हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।
वांगचुक को जंतर-मंतर भेजने की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर भेजा जाए, तो वही सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका जेपी नड्डा से मिलने के लिए पहुंचे हैं। इस बीच वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर कहा कि संसद मार्च में जाना है, मुझे डिस्चार्ज करें।
पुलिस ने अस्पताल में कराया था भर्ती
ज्ञात हो कि शनिवार को सोनम वांगचुक के अनशन का 21वां दिन था. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन शुरू किया था। सोनम वांगचुक को ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, अभिजीत दीपके अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं. 20 जुलाई को होने वाला श्चलो संसद मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा।




