मध्यप्रदेश के 1.22 लाख मेधावी छात्रों को मुख्यमंत्री ने दी प्रोत्साहन राशि, खरीदेगे लैपटॉप, छात्रों के खिले चहेरे

भोपाल। मध्यप्रदेश के 1.22 लाख मेधावी छात्रों के लिए मंगलवार सुखद दिन लेकर आया। उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25-25 हजार रूपए की मेघावी छात्रा प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर किए है। जिससे उक्त छात्र लैपटॉप की खरीदी करके डिजिटल शिक्षा और तकनीक से आगे की पढ़ाई को और बेहतर कर सकेगें। यह कार्यक्रम भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया।

शिक्षकों की मेहनत और छात्रों की सफलता पर गदगद हुए सीएम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे विद्यालय, जहां शिक्षक कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों के साथ निरंतर मेहनत करते हैं, उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करते हैं और न केवल 10वीं, बल्कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी सभी विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी में लाने का लक्ष्य हासिल करते हैं, ऐसे विद्यालय वास्तव में शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और लगातार तीन वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ऐसे विद्यालयों को सम्मानित करने का हमारी सरकार ने निर्णय लिया। मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही यह उपलब्धि मेरे लिए गर्व का विषय है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और हमारे शिक्षकों की इस सफलता से आज मेरी छाती गर्व से चौड़ी हो रही है।

75 प्रतिशत से ज्यादा अंक पाना है जरूरी

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिला है। हर पात्र छात्र के बैंक खाते में लैपटॉप खरीदने के लिए 25,000 रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। छात्र इस राशि से अपनी पसंद का लैपटॉप खरीद सकेंगे।

क्या है विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना?

राशि का वितरण स्कूल शिक्षा विभाग की विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत किया गया है। इस साल सरकार इस योजना के तहत कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपए विद्यार्थियों के बैंक खातों में पैसे भेजी है। विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी। शुरुआत में इसका लाभ सिर्फ सरकारी स्कूलों के उन छात्रों को मिलता था, जिन्होंने 85 प्रतिशत या उससे ज्यादा अंक हासिल किए थे। वर्ष 2013 में योजना में बदलाव कर प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को भी इसमें शामिल किया गया। इसके बाद वर्ष 2020 में नियमों में फिर बदलाव किया गया और पात्रता के लिए जरूरी अंकों की सीमा घटाकर 75 प्रतिशत कर दी गई। यही नियम वर्तमान में भी लागू है।

डिजिटल शिक्षा से जुड़ेंगे छात्र

मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल शिक्षा और तकनीक से जोड़ना है। सरकार का कहना है कि मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में यह राशि मदद करेगी। लैपटॉप मिलने से छात्र ऑनलाइन पढ़ाई, ई-लर्निंग, डिजिटल स्टडी मटेरियल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ दूसरे तकनीकी संसाधनों का भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

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