सतना जिले में सोमवार देर रात से जारी मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। लगातार हो रही बारिश से चित्रकूट की पवित्र मंदाकिनी नदी, सेमरावल नदी और सितावा सहित जिले के तमाम नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान (139.60 मीटर) की ओर तेजी से आगे बढ़ते हुए 137.15 मीटर तक पहुंच गया है, जिसके चलते पानी तेजी से रिहायशी बस्तियों, घरों और दुकानों में घुसने लगा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस., पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह और SDRF कमांडेंट ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अकाउना, अबेर, खोहर, रामनगर, मढ़ी, बेला और छिबौरा समेत कुल 36 संवेदनशील गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार मुनादी कर निचले इलाकों और तटीय बस्तियों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों व राहत शिविरों में जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
इसके साथ ही, जलप्रलय के कारण यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। लगातार बारिश के दबाव से मझगवां जनपद क्षेत्र में डेंगरहट-खोड़री मार्ग का एक पुल धंस गया है, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा, बिरसिंहपुर-कोटर मार्ग पर भी सितावा नदी के तेज उफान के चलते यातायात रोक दिया गया है। प्रशासन और पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और लगातार लोगों से अपील कर रही हैं कि वे स्फटिक शिला, आरोग्यधाम घाट और अन्य उफनते जलस्रोतों से पूरी तरह दूरी बनाए रखें।




