घर में पूजा से नाराज युवक का खूनी खेल, पत्नी, बच्चे समेत दो पुजारियों की हत्या, पुलिस ने किया एनकाउंटर

यूपी। घर में पूजा पाठ रखने से नाराज एक युवक ने ऐसा खूनी खेल खेला की पूरा क्षेत्र दहला गया। आरोपी पत्नी, बच्चा समेत दो पुजारियों को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया। मौके पर पहुची पुलिस ने आरोपी का एनकाउंटर किया है। यह घटना उत्तर-प्रदेश के आजमगढ़ जिला अंतर्गत अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव से मंगलवार की देर शाम सामने आई है। आरोपी की पहचान अरविंद सिह के रूप में की गई है।

इनकी हुई मौत

इस घटना में आरोपी अरविंद सिंह ने सबसे पहले अपनी पत्नी बबीता सिंह को गोली मारी और फिर पूजा करा रहे 60 वर्षीय महेंद्र पाठक, 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आरोपी अपने एक पुत्र पर भी गोली चला कर उसे मौत की नींद सुला दिया। सूचना पर पहुची पुलिस और फिर एटीएस ने आरोपी के घर में घुस कर कार्रवाई और गोली लगने के कारण हमलाबर आरोपी अरविंद सिंह की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और पूजा कराने आए पंडित का बेटा आदि घर से बाहर निकलने में सफल रहे। जिससे उनकी जान बच गई।

घर में शांति के लिए करा रही थी पूजा

जानकारी के तहत शंभूपुर गहजी निवासी अरविंद सिंह की मां शमला देवी और पत्नी बबीता घर में शांति के लिए पूजा कराना चाह रही थीं। अरविंद इसका विरोध कर रहा था। इसे लेकर कई दिनों से घर में विवाद चल रहा था। इसी बीच अरविंद किसी काम से बाहर चला गया। मौका देखकर पत्नी ने घर में पांच दिवसीय पूजा शुरू करा दी। मंगलवार को पूजा का चौथा दिन था, इसी दौरान शाम करीब 6 बजे अरविंद वापस घर लौट आया। वह घर में पूजा-पाठ होते देखकर भड़क गया और पूजा करा रहे 60 वर्षीय महेंद्र पाठक, 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा और उनके 20 वर्षीय पुत्र हिमांशु मिश्रा को गालियां देने लगा। पत्नी बबीता और मां शमला देवी ने उसे समझाने का प्रयास का प्रयास करती रही।

लाइसेंसी रिवाल्वर से किया हमला

आरोप है कि अरविंद पत्नी से मारपीट कर रहा था। इस दौरान पूजा करा रहे पुरोहितों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मोबाइल से वीडियो बनाते देखकर अरविंद घर में रखी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली और पत्नी बबीता पर गोली चला दिया। इसके बाद महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को भी गोली मार दी। अरविंद किसी और पर गोली चलाता, इससे पहले हिमांशु शोर मचाते हुए घर से बाहर भाग निकला। पूजा में बैठी उसकी 22 वर्षीय भतीजी वर्षा सिंह, 17 वर्षीय रिया और मां शमला देवी भी मौका पाकर बाहर निकल गईं थी। आखिरकार आरोपी अरविंद सिंह के एनकाउटंर के बाद मामला शांत हो पाया।

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