उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार शाम दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वे 55 वर्ष के थे और लंबे समय से ब्रेन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। अमेरिका में इलाज कराने के बावजूद बीमारी चौथी स्टेज पर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ स्थित उनके आवास पर लाया गया, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेताओं और समर्थकों का तांता लग गया। उमाशंकर सिंह के निधन से न केवल बलिया और रसड़ा क्षेत्र में शोक की लहर है, बल्कि बसपा के राजनीतिक ढांचे को भी एक अपूरणीय क्षति हुई है।
मायावती ने किए अंतिम दर्शन: “उमाशंकर सिंह ने कभी धोखा नहीं दिया”
बसपा सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती गुरुवार सुबह खुद उमाशंकर सिंह के लखनऊ आवास पर पहुंचीं और अपने इकलौते विधायक को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मायावती काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने दिवंगत विधायक के बेटे को गले लगाकर ढांढस बंधाया और कहा कि पूरा बीएसपी परिवार इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
राखी का रिश्ता और पारिवारिक जुड़ाव
मायावती ने उमाशंकर सिंह के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए बताया कि वे उन्हें अपनी सगी बहन का दर्जा देते थे। मायावती चाहे लखनऊ में हों या दिल्ली में, उमाशंकर सिंह हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर उनसे राखी बंधवाने जरूर आते थे। मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह का यह अपनापन और समर्पण वे जीवन भर नहीं भूल सकतीं।
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उमाशंकर सिंह: वफादारी का सफर
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* तीन बार रसड़ा सीट से विधायक
* बसपा के संकट काल में बने रहे मजबूत स्तंभ
* मायावती के प्रति अटूट निष्ठा और समर्पण
बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने का ऐलान
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में मायावती ने एक बड़ा राजनीतिक संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि उमाशंकर सिंह का परिवार इच्छा जताएगा, तो पार्टी उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ने का पूरा अवसर प्रदान करेगी।
मायावती ने आश्वस्त किया कि उमाशंकर सिंह के बेटे को बहुजन समाज पार्टी में वही सम्मान, स्थान और महत्व दिलाने का प्रयास किया जाएगा, जो उमाशंकर सिंह को अपने जीवनकाल में मिला था। इस बयान से साफ है कि बसपा रसड़ा सीट और उमाशंकर सिंह की राजनीतिक विरासत को उनके परिवार के पास ही बनाए रखना चाहती है।
सीएम योगी और प्रमुख नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
उमाशंकर सिंह के अंतिम दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके लखनऊ आवास पहुंचे। सीएम योगी ने दिवंगत विधायक के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। इस दौरान विधायक के बेटे ने सीएम योगी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने उनके कंधे पर हाथ रखकर उन्हें सांत्वना दी।
सीएम योगी के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना और स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी:
- दयाशंकर सिंह (परिवहन मंत्री)
- ओम प्रकाश राजभर (सुभासपा अध्यक्ष व मंत्री)
- संजय निषाद (निषाद पार्टी अध्यक्ष व मंत्री)
- धनंजय सिंह (पूर्व सांसद)
इन सभी नेताओं की मौजूदगी यह दर्शाती है कि उमाशंकर सिंह केवल अपनी पार्टी में ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के नेताओं के बीच भी अपने सौम्य व्यवहार के लिए बेहद लोकप्रिय थे।
रसड़ा सीट से तीन बार दर्ज की जीत
उमाशंकर सिंह की गिनती पूर्वांचल के बेहद प्रभावशाली नेताओं में होती थी। वे बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार (2012, 2017 और 2022) विधायक चुने गए। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जब बसपा का सूपड़ा साफ हो गया था और बड़े-बड़े दिग्गज चुनाव हार गए थे, तब केवल उमाशंकर सिंह ही अकेले ऐसे उम्मीदवार थे जिन्होंने बसपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
| वर्ष | विधानसभा क्षेत्र | पार्टी | परिणाम |
| 2012 | रसड़ा (बलिया) | बहुजन समाज पार्टी | विजयी |
| 2017 | रसड़ा (बलिया) | बहुजन समाज पार्टी | विजयी |
| 2022 | रसड़ा (बलिया) | बहुजन समाज पार्टी | विजयी (इकलौते BSP विधायक) |
उनकी यह जीत साबित करती है कि रसड़ा की जनता के बीच उनकी पकड़ पार्टी सिंबल से भी ज्यादा उनके व्यक्तिगत व्यवहार और विकास कार्यों पर आधारित थी।
बलिया के पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को बलिया जिले के रसड़ा स्थित उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। उनका पार्थिव शरीर लखनऊ से बलिया ले जाया जा रहा है, जहां स्थानीय नागरिक, उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देंगे। उनके गांव और पूरे रसड़ा क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग अपने विधायक को याद कर भावुक हो रहे हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
Q1. उमाशंकर सिंह कौन थे?
उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक थे। 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद वे यूपी विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे। वे अपनी समाज सेवा और बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रति अटूट वफादारी के लिए जाने जाते थे।
Q2. उमाशंकर सिंह का निधन किस कारण हुआ?
उमाशंकर सिंह का निधन ब्रेन कैंसर की वजह से हुआ। वे पिछले काफी समय से इस गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और इलाज के लिए अमेरिका भी गए थे। बीमारी चौथी स्टेज में पहुंचने के कारण बुधवार शाम दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
Q3. मायावती ने उमाशंकर सिंह के परिवार को क्या आश्वासन दिया?
मायावती ने अंतिम दर्शन के दौरान कहा कि यदि परिवार चाहेगा तो वे उमाशंकर सिंह के बेटे को राजनीति में आगे बढ़ने का पूरा अवसर देंगी। उन्होंने बेटे को पार्टी में वही सम्मान और दर्जा देने का वादा किया जो उनके पिता को प्राप्त था।
Q4. उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार कहां और कब होगा?
उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके पैतृक निवास स्थान, बलिया जिले के रसड़ा गांव में किया जाएगा। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ लाया गया था, जहां से अंतिम संस्कार के लिए उसे बलिया ले जाया जा रहा है।
Q5. उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने कौन-कौन से प्रमुख नेता पहुंचे?
उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने बसपा प्रमुख मायावती के अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, दयाशंकर सिंह, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और पूर्व सांसद धनंजय सिंह सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां पहुंचीं।
उमाशंकर सिंह का जाना बहुजन समाज पार्टी के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा। निष्ठा, वफादारी और जनसेवा के जो मानदंड उन्होंने स्थापित किए, वे यूपी की राजनीति में लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।




