ट्रेन में सफर के दौरान होने वाली परेशानियों को अब तुरंत दूर किया जाएगा. भारतीय रेलवे इसके लिए अपनी ‘रेल मदद’ सेवा को और ज्यादा तेज और स्मार्ट बनाने जा रहा है.
अब तक यात्रियों की शिकायत पहले डिवीजनल कंट्रोल ऑफिस जाती थी, फिर वहां से ट्रेन में मौजूद स्टाफ को बताया जाता था. इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था.
लेकिन नए सिस्टम में ऐसा नहीं होगा. रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को आदेश दिया है कि वे हर ट्रेन और कोच में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ की जानकारी CMM / Rail Care System में रोजाना अपडेट करें.
इससे फायदा ये होगा कि जैसे ही कोई यात्री Rail Madad App, 139 हेल्पलाइन, वेबसाइट या SMS के जरिए शिकायत करेगा, वह शिकायत सीधे ‘कोच मित्र’ सिस्टम के जरिए उसी ट्रेन में मौजूद संबंधित कर्मचारी के पास पहुंच जाएगी.
नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
रेल मदद सेवा 2019 में शुरू हुई थी. अब इसी सेवा को अपग्रेड किया जा रहा है. हर सफर से पहले ट्रेन में तैनात सभी कर्मचारियों का डेटा सिस्टम में फीड किया जाएगा. शिकायत आते ही सिस्टम खुद पहचान लेगा कि किस कोच की शिकायत है और उसे किस स्टाफ को भेजना है.
इसमें कौन से कर्मचारी शामिल होंगे?
इस नई व्यवस्था में ट्रेन के सभी ऑन-बोर्ड स्टाफ को जोड़ा गया है, जैसे –
- OBHS यानी साफ-सफाई करने वाला स्टाफ
- चादर-कंबल देने वाले कर्मचारी
- इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिकल टीम
- TTE और Ticket Examiner
- RPF के जवान
- IRCTC के मैनेजर
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
अब यात्रियों को अपनी शिकायत के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। गंदगी, बेडरोल, लाइट-पंखे खराब होना, AC काम न करना या सुरक्षा से जुड़ी कोई भी समस्या हो, तो उस ट्रेन में मौजूद स्टाफ तुरंत आपकी सीट पर आकर उसे ठीक करेगा.
सीधे शब्दों में कहें तो अब शिकायत कंट्रोल रूम के चक्कर नहीं काटेगी, बल्कि सीधे एक्शन लेने वाली टीम के पास जाएगी.




