Petrol Diesel Rate Hike : आम आदमी की जेब पर आज महंगाई का दोहरा प्रहार हुआ है। एक तरफ जहाँ पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने करीब 4 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए लंबी छलांग लगाई है, वहीं दूसरी तरफ सीएनजी और दूध के दामों में भी भारी बढ़ोतरी कर दी गई है।
पेट्रोल और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी
आज सुबह जब देश जागा, तो नई दरों ने आम आदमी के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया। सबसे पहले बात करते हैं ईंधन की। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी की है।
जानिए बड़े शहरों में पेट्रोल डीज़ल के दाम
देश की राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गया है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 106.68 रुपये हो गई है। सबसे बुरा हाल कोलकाता और पटना जैसे शहरों का है, जहाँ पेट्रोल 108 रुपये के पार निकल गया है। लेकिन झटका सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं है। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो अब सफर करना और चाय पीना दोनों महंगा होगा। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया है। वहीं, मदर डेयरी ने भी दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। अब दिल्ली में टोंड दूध 60 रुपये और गाय का दूध 62 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। इस बढ़ती महंगाई पर राजनीति भी गरमा गई है।
कांग्रेस-सपा ने मोदी सरकार को बताया जिम्मेदारी
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे ‘महंगाई मैन’ का हंटर करार दिया है। वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा है कि अगर जनता को आगे बढ़ना है, तो अब साइकिल ही एकमात्र विकल्प बचा है। अखिलेश यादव ने कहा, “हमने तो पहले ही कहा था, अब साइकिल से भरोसे के लायक है।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार ने जनता पर एक बार फिर महंगाई का बोझ बढ़ाया है। पार्टी ने लिखा, “महंगाई-मैन मोदी ने आज फिर जनता पर कोड़े बरसाए हैं। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपये महंगा कर दिया गया है, वहीं CNG के दाम भी 2 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। चुनाव खत्म- वसूली शुरू।”
सरकार ने कहा- देश में ईंधन पर्याप्त है
हालाँकि, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश को भरोसा दिलाया है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार का दावा है कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। लगातार महंगाई बढ़ने के बाद भी केंद्र सरकार LPG और तेल के पर्याप्त भंडारण का दावा कर रही है।
क्यों बढ़ रहें दाम?
अब सवाल उठता है कि आखिर ये दाम क्यों बढ़ रहे हैं? विशेषज्ञों की मानें तो इसका सीधा कनेक्शन पश्चिम एशिया के संकट और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव से है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल यानी ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक बाधाओं के चलते वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका खामियाजा अब भारतीय उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
इससे ये साफ है कि आने वाले दिनों में माल ढुलाई महंगी होगी, जिसका असर सब्जी, राशन और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा। मध्यम वर्गीय परिवार अब बस यही पूछ रहा है- “आखिर राहत कब मिलेगी?”




