Happy Birth Day Madhuri Dixit: 1992 की फिल्म ‘बेटा’ के “धक-धक करने लगा” गाने के लोकप्रिय होने के बाद से माधुरी दीक्षित को बॉलीवुड की “धक-धक गर्ल” कहा जाने लगा , अपने डांस और अभिनय से वो पूरे देश के दिलों की धड़कन बन गई। वो पारंगत कत्थक नृत्यांगना हैं, और इसके लिए उन्होंने 3 साल की उम्र से डांस सीखना शुरू किया था,फिर भाव भंगिमाओं से भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए अभिनय को समझने में उन्हें देर न लगी।
अपनी क़ाबिलियत को परखने के लिए ‘अबोध’ फिल्म के लिए हो रहे ऑडिशन को देने पहुंचीं तो उन्हें हिंदी की एक किताब से एक पन्ना पढ़ाया गया ताकि उनके बोलने के अंदाज़ को समझा जा सके देखा गया कि कहीं उनका टोन महराष्ट्रियन तो नहीं है !और जब उनका लहजा अच्छा पाया गया तब उन्हें पास किया गया।
12 वीं क्लास के इग्ज़ाम के बाद की छुट्टियों में उन्होंने साल 1984 में आई फिल्म ‘अबोध’ की शूटिंग की और गौरी का किरदार निभाया लेकिन फिल्म ज़्यादा सफल नहीं साबित हुई इसके बावजूद वो अभिनय से जुड़ गईं हालाँकि महराष्ट्रियन परिवार से आने वाली माधुरी उस वक़्त माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनना चाहती थीं और छै महीने कॉलेज भी गईं मगर फिर पढाई छोड़ दी और पूरी तरह फिल्मों की ओर रुख़ कर लिया। वो राजश्री प्रोडक्शंस के टीवी शो ‘पेइंग गेस्ट’ में भी नज़र आई थीं।
उनकी ये लगन देखकर ‘कर्मा’ की शूटिंग के दौरान माधुरी की हेअर ड्रेसर ने माधुरी की फोटोज़ सुभाष घई तक पहुँचाईं किसी सपोर्टिव रोल के लिए और घई साहब ने उन्हें बुलवा लिया मगर जब वो माधुरी से मिले तो उन्होंने कहा ये तो लीड रोल के लिए बनीं है और फिर ब्लॉकबस्टर ‘तेज़ाब’ में मोहिनी का किरदार दिया हालाँकि सरोज खान ने माधुरी के कत्थक डांसर होने के बावजूद उनके हिट होने वाले गानों के लिए 30 दिनों तक रिहर्सल करवाई क्योंकि उस वक़्त माधुरी को बॉलीवुड डांस की उतनी समझ नहीं थी जितनी अब है।
इसके बाद ‘खलनायक ‘,’बेटा’, ‘दिल’, ‘हम आपके हैं कौन..!’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देते हुए माधुरी सुपरस्टार बन गईं ,और अपने करियर में 13 बार फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन हासिल किये जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने अब तक छह फिल्मफेयर पुरस्कार जीते हैं।
अपने करियर के चरम पर (1990 के दशक में), वह बॉलीवुड की सबसे ज़्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री थीं। यहां तक कि फिल्म ‘हम आपके हैं कौन..! के लिए उन्हें सलमान खान से भी ज़्यादा फीस मिली थी। माधुरी के सबसे बड़े आलोचक उनके पिता थे लेकिन उन्हें भी ये फिल्म बहोत पसंद आई थी।
माधुरी के जब हमसफ़र के इंतखाब की बात आई तो उनके भाई ने डॉक्टर श्री राम नेने से उन्हें मिलवाया और श्री नेने ने माधुरी से पूछा आप काम क्या करती हैं बस फिर क्या था माधुरी को लगा अब वो खुलके जी सकती हैं कोई तो है जो उनके काम से उनको नहीं जानता अब वो फिर से नया जीवन जी पाएँगीं इस बात से खुश होकर उन्होंने 1999 में झट मँगनीं पट ब्याह कर लिया और अमेरिका चली गईं थीं पर तब भी ऑनलाइन डांस अकादमी चलाती और दो बच्चों के साथ ज़िंदगी के खूब मज़े लेतीं । अमेरिका से लौटने के बाद माधुरी दीक्षित ने 2007 की फिल्म ‘आजा नचले’ में डांसर का मनपसंद किरदार निभाकर बॉलीवुड में कमबैक किया और अब वेब सीरीज (जैसे ‘द फेम गेम’) और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी एक्टिव हैं।
कुछ ख़ास बातें :-
- नौ साल की ऊम्र उन्हें कत्थक के लिए नेशनल स्कॉलर शिप मिली थी।
- भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए, भारत सरकार ने उन्हें 2008 में चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया था।
- वे अभिनय और नृत्य का ऐसा संगम हैं, जिन्हें प्रसिद्ध कथक गुरु पंडित बिरजू महाराज ने ‘देवदास ‘फिल्म के लिए कोरियोग्राफ किया था।
- प्रसिद्ध चित्रकार एम.एफ. हुसैन उनकी सुंदरता और अभिनय के इतने कायल थे कि उन्होंने हम आपके हैं कौन..! फिल्म को 67 बार देखा था। उन्होंनें माधुरी के लिए ‘गजगामिनी’ बनाई थी।
- जिनपर सारी दुनिया फ़िदा है वो माधुरी कभी खुद क्रिकेटर सुनील गावस्कर पर फिदा थीं।
- संजय दत्त और माधुरी दीक्षित ने कई फिल्मों में साथ काम किया और सुर्खियाँ बटोरीं लेकिन 1993 की फिल्म ‘खलनायक’ के 26 साल बाद 2019 की फिल्म ‘कलंक’ में माधुरी और संजय दत्त साथ नज़र आए।
- अपने करियर में 13 बार फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन हासिल किये हैं और 6 बार अवार्ड जीता है।




