उज्जैन। एक कहावत है कि देर आए दुरस्थ आए। वर्षा काल शुरू होने के बाद मध्यप्रदेश में अब मानसून पूरी तरह से पहुच चुके है। जिससे बारिश का दौर भी शुरू हो गया है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में गुरूवार की रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार की सुबह तक जारी रहा। इस बारिश सें शिप्रा नदी अपने सबाब पर आ गई और जलस्तर बढ़ जाने से घाटों पर स्थित कई छोटे मंदिर पानी में डूब गए।
प्रशासन ने लगाई रोक
गुरुवार से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार सुबह तक जारी रहा, जिससे नदी-नाले भर गए और शिप्रा का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण घाट और मंदिर पानी से लबालब हो गए। इसके चलते तर्पण, पूजन और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को रोक दिया गया. प्रशासन ने एहतियातन शिप्रा में तैराक दल और होमगार्ड जवानों की तैनाती कर दी है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।
बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक अधिकांश जिलों में तेज बारिश होगी। सीजन में पहली बार खंडवा और हरदा के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश के साथ जलभराव और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार जून में अपेक्षा से कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहेगा। प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा जुलाई में ही होता है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश जून की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है।
अब तक कम हुई बारिश
ज्ञात हो कि इस वर्ष एमपी में मानसून देरी से पहुचा है। जिसका असर यह रहा कि प्रदेश में औसतन बारिश कंम हो गई। प्रदेश में अब तक औसतन 113.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 147.7 मिमी मानी जाती है। यानी इस सीजन में अब तक करीब 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी सबसे अधिक है, जबकि पश्चिमी हिस्से में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है। जिस तरह से जुलाई माह में बारिश शुरू हुई उससे माना जा रहा है कि मानसून इसी तरह से बारिश करता रहा तो आने वाले समय में बारिश के आकंडे का प्राप्त कर लेगा।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाईजरी
जिस तरह से मध्यप्रदेश में मौसम की गतिविधि बनी हुई उसे देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को अगले चार दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों से दूरी बनाए रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।




