कुर्ग/रीवा। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संबंधी स्थायी समिति के कर्नाटक प्रवास के दौरान एक बेहद आत्मीय और प्रकृति के करीब ले जाने वाला दृश्य सामने आया। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने समिति के अन्य सदस्यों के साथ कुर्ग स्थित प्रसिद्ध एलीफ़ेंटा कैंप का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने न केवल हाथियों के साथ समय बिताया, बल्कि उनके संरक्षण की बारीकियों को भी समझा।
हाथियों के साथ बिताए यादगार पल
सांसद जनार्दन मिश्रा अपने सादगीपूर्ण अंदाज के लिए जाने जाते हैं, और कुर्ग के इस कैंप में भी उनका वही रूप देखने को मिला। उन्होंने हाथियों के प्रति स्नेह प्रकट करते हुए उन्हें अपने हाथों से स्नान कराया और उन्हें गुड़ खिलाया। इस दौरान समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने गजराजों के साथ इस दुर्लभ अनुभव को साझा किया। यह भ्रमण न केवल औपचारिक था, बल्कि वन्यजीवों के प्रति मानवीय संवेदनाओं को दर्शाने वाला एक यादगार पल बन गया।
गज संरक्षण के आधुनिक और पारंपरिक मॉडल का अध्ययन
कैंप के भ्रमण के दौरान स्थायी समिति के सदस्यों ने वहां अपनाए जा रहे हाथी संरक्षण के उत्कृष्ट मॉडल की विस्तृत जानकारी ली। विशेषज्ञों ने समिति को अवगत कराया कि कैसे प्राकृतिक और हरियाली से भरपूर वातावरण में हाथियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है। यहां हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास जैसा माहौल प्रदान करने के लिए पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकों का बेहतरीन तालमेल बिठाया गया है।
पर्यटन और रोजगार के बढ़ते अवसर
सांसद मिश्रा और समिति के सदस्यों ने इस बात की विशेष सराहना की कि एलीफ़ेंटा कैंप ने संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी एक नई दिशा दी है। यहाँ हाथियों के साथ पर्यटकों के संवादात्मक अनुभव को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उससे वन्यजीवों को परेशानी भी नहीं होती और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। समिति ने माना कि इस तरह के इको-टूरिज्म मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी हो सकते हैं।




