Simhastha 2028: उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व (Simhastha 2028) की तैयारियों को सरकार ने तेज कर दिया है। इसी दिशा में सिंहस्थ मेला प्राधिकरण (Simhastha Mela Authority) का गठन किया गया है और जगदीश अग्रवाल को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
Simhastha 2028: उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व (Simhastha 2028) की तैयारियों को अब संस्थागत रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ मेला प्राधिकरण (Simhastha Mela Authority) का गठन कर दिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। सरकार ने जगदीश अग्रवाल को प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। अग्रवाल भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य होने के साथ उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
1955 के अधिनियम के तहत हुआ गठन
राज्य सरकार ने सिंहस्थ मेला प्राधिकरण का गठन मध्य भारत सिंहस्थ मेला अधिनियम, 1955 (Madhya Bharat Simhastha Mela Act) के प्रावधानों के तहत किया है। आदेश में कहा गया है कि उज्जैन में प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए यह प्राधिकरण गठित किया गया है।
अधोसंरचना और प्रशासनिक तैयारियों पर जोर
सिंहस्थ-2028 को लेकर सरकार पहले से ही तैयारियों में जुटी हुई है। आयोजन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों द्वारा सड़क, यातायात, बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं (Infrastructure) से जुड़े कार्यों की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था (Administrative Arrangements), सुरक्षा और आयोजन स्थल से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी तैयारियां चल रही हैं।
प्राधिकरण बनने से तय होगी जिम्मेदारी
मेला प्राधिकरण के गठन के बाद सिंहस्थ से जुड़े कार्यों के समन्वय (Coordination) और व्यवस्थाओं को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी तय हो गई है। इससे अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और बड़े आयोजन की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सिंहस्थ महापर्व उज्जैन का प्रमुख धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में सरकार के सामने समय रहते व्यापक स्तर पर Planning, Infrastructure और Crowd Management की व्यवस्था तैयार करने की चुनौती है।




