उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने पैतृक मकान पर स्वयं गेती चलाकर सड़क चौड़ीकरण के लिए भवन हटाने की शुरुआत करते हुए एक जागरूक नागरिक होने का परिचय दिए है, हांलाकि इस दौरान वे घर से जुड़ी यादों को याद करके भावुक हो गए, लेकिन उन्होने कहा कि विकास और सड़क चौड़ीकरण के लिए उन्हे घर तोड़ना पड़ रहा है, तो इससे उन्हे कोई दिक्कत नही है। उनका कहना था कि सिंहस्थ महापर्व में 40 करोड़ लोगो के लिए सुगम रास्ता बनाना जरूरी है। इसके लिए वे अपने घर में खुद गेती चलाकर रास्ते के लिए घर को हटा रहे है।
घर गिराने की शुरू हुई कार्रवाई
मुख्यमंत्री के घर को गिराने के साथ ही खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक मार्ग के चौड़ीकरण की कार्यवाही शुरू हो गई है, दरअसल यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को सुगम और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पैतृक घर से जुड़ा है ऐसा बचपन का रिश्ता
जानकारी के तहत उज्जैन के अब्दालपुरा इलाके में स्थित यह मकान मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुश्तैनी और पैतृक घर है, जिसे उनके दादा जी ने बनवाया था। सीएम मोहन यादव का पूरा बचपन इसी मकान में बीता है और उनकी तमाम पुरानी यादें इससे जुड़ी हैं। उन्होंने यहीं से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत भी की थी।
वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी विकास कार्य की वजह से उनके पैतृक मकान का एक हिस्सा आ रहा है। जनता के सामने एक मिसाल पेश करते हुए और विकास कार्य में सहयोग देने के लिए सीएम मोहन यादव ने खुद विधि-विधान से पूजन के बाद अपने पैतृक घर पर गैंती चलाकर उसके हिस्से को तोड़ने की शुरुआत की।
घर तोड़ने पर पीड़ा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस घर में जन्म लिया, छोटे से बड़े हुए और खेले-कूदे, उसे तोड़ना पड़े तो मन पर असर होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर सिंहस्थ के लिए यह जरूरी है तो विकास के लिए यह बलिदान देना चाहिए। हम सब मिलकर यह काम कर रहे हैं। पूरा देश देख रहा है कि लोग दूसरों की सुविधा के लिए अपने मकान पीछे हटा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब वे पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आए और जॉइंट सेक्रेटरी तथा फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा, तब से उनके सामने हमेशा यह बात रही कि आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।




