सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रीवा में विंध्य का पहला CRT-P प्रत्यारोपण सफल, 72 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

Vindhya's first CRT-P implantation successful at Super Speciality Hospital, Rewa.

रीवा: विंध्य क्षेत्र के चिकित्सा इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए क्षेत्र का पहला सफल सीआरटी-पी (CRT-P – Cardiac Resynchronization Therapy Pacemaker) प्रत्यारोपण किया है। यह जटिल प्रक्रिया वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और प्राध्यापक डॉ. एस.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

अमरपाटन की 72 वर्षीय महिला को मिला नया जीवन

मैहर जिले के अमरपाटन की रहने वाली 72 वर्षीय महिला मरीज सांस फूलने, अत्यधिक कमजोरी, जल्दी थकान होने और हृदय की पंपिंग क्षमता कम होने की गंभीर समस्या से जूझ रही थीं। वह लगातार इन परेशानियों के चलते बार-बार अस्पताल में भर्ती हो रही थीं। ओपीडी में डॉ. एस.के. त्रिपाठी द्वारा जांच (ECG और Echocardiography) कराने पर पता चला कि मरीज के हृदय की पंपिंग क्षमता कम होने के साथ-साथ उसके विभिन्न हिस्सों के बीच विद्युत गतिविधि (Electrical Coordination) में भी गंभीर असंतुलन है।

बेहद जटिल थी प्रक्रिया, अब महानगरों के चक्कर से मुक्ति

इस जटिल प्रक्रिया के तहत कॉलर बोन (हंसली की हड्डी) के नीचे छाती में पेसमेकर के लिए स्थान बनाया गया। इसके बाद नसों (Veins) के माध्यम से दाएं एट्रियम और दाएं वेंट्रिकल में दो लीड्स तथा बाएं वेंट्रिकल को गति प्रदान करने के लिए तीसरी लीड को कोरोनरी साइनस में सफलताપૂર્વक स्थापित किया गया।

इस आधुनिक और उच्चस्तरीय उपचार के रीवा में उपलब्ध हो जाने से अब विंध्य अंचल के मरीजों को महानगरों के महंगे अस्पतालों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिल गई है। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह संतोषजनक है और वह डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में स्वास्थ्य लाभ कर रही है।

नेतृत्व, टीम वर्क और दूरदर्शी सोच का परिणाम

डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय पूरी टीम के सामूहिक समर्पण और मरीज-केंद्रित सेवा भाव को दिया है। साथ ही, उन्होंने इस उपलब्धि के लिए उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल के दूरदर्शी मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु किए जा रहे विशेष प्रयासों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।

इस सफल प्रक्रिया में कार्डियोलॉजी टीम के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ से सत्येन्द्र एवं स्वाति तथा कैथलैब तकनीकी विशेषज्ञों से जय नारायण मिश्र, मनीष, सोनाली, सुधांश और अमन का विशेष योगदान रहा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने दी बधाई

इस बड़ी उपलब्धि पर चिकित्सा महाविद्यालय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अधिष्ठाता डॉ. एस.पी. गर्ग तथा सुपर स्पेशलिटी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव ने पूरी कार्डियोलॉजी टीम, कैथ लैब, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि रीवा का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के नए मानक स्थापित करता रहेगा।

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