Thousands of villagers blocked the road in protest against removal of encroachment: रीवा जिले के गुढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरास में शासकीय तालाब से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के खिलाफ आज दोपहर हजारों ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 39 रीवा-सीधी मार्ग पर महासंव इलाके में चक्काजाम कर दिया। हाई कोर्ट के निर्देश पर चल रही इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे इसे भेदभावपूर्ण बता रहे हैं।चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने न तो सड़क खाली की और न ही अधिकारियों की बात सुनने को तैयार हुए।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब में करीब दो दर्जन से अधिक लोगों ने झोपड़ियां बना ली हैं और कुछ परिवार वहां लंबे समय से निवास कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों से चल रही कार्रवाई में प्रशासन ने कुछ अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उन्हें वैकल्पिक भवन या प्लॉट उपलब्ध करा दिए, लेकिन बाकी कई लोगों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।ग्रामीणों ने कहा, “यह दोहरी कार्रवाई है। जो लोग प्रभावशाली हैं या जिनके रिश्तेदार अधिकारी हैं, उन्हें छूट मिल रही है, जबकि गरीब और आम लोग बेघर हो रहे हैं। सभी के साथ एक समान व्यवहार होना चाहिए।” उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं रुकी तो विरोध और तेज होगा।
चक्काजाम के कारण रीवा-सीधी मार्ग पर दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहा। राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास जारी है।प्रशासन का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन अनिवार्य है और अतिक्रमण हटाना कानूनी जरूरत है। साथ ही प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और चक्काजाम अभी भी जारी है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया और पुनर्वास नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
