रीवा। लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में अब विंध्य की धरती भी उठ खड़ी हुई है। रविवार को रीवा के कोठी कंपाउंड स्थित संभागायुक्त कार्यालय के समीप छात्र-छात्राओं, युवाओं और विभिन्न जनसंगठनों के लोगों ने एकत्रित होकर एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन दिया, बल्कि देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और हाल ही में हुए नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ और तानाशाही का आरोप
धरने पर बैठी छात्राओं और युवाओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखी नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था युवाओं के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रही है। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शुमार नीट में हुई धांधली ने लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, जिसके लिए सीधे तौर पर शिक्षा मंत्रालय जिम्मेदार है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक तरफ देश का युवा सड़कों पर है, वहीं दूसरी तरफ सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने में जुटी है।
“सोनम वांगचुक को हिरासत में लेना अलोकतांत्रिक” – किसान नेता शिव सिंह
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रमुखता से पहुंचे किसान नेता शिव सिंह ने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को बिना किसी सार्थक बातचीत के, बेहद अलोकतांत्रिक और दमनकारी तरीके से हिरासत में ले लिया गया। सरकार का यह कदम आंदोलन को कुचलने की एक सोची-समझी साजिश है, लेकिन रीवा की जनता इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ने अपना अड़ियल रवैया नहीं बदला, तो राष्ट्रहित और युवाओं के अधिकारों के लिए रीवा से इससे भी बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।




