रीवा: विंध्य क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर बयानों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। पूर्व मऊगंज विधायक लक्ष्मण तिवारी ने शुक्रवार को रीवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर कांग्रेस पार्टी पर तीखे और गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आज भी सामंतवाद की पुरानी व संकीर्ण विचारधारा से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं और उनके निशाने पर अब सीधे तौर पर ब्राह्मण समाज को रखा जा रहा है।
सीधी की घटना का दिया हवाला, कहा- ब्राह्मण समाज रहे सतर्क
पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने हाल ही में सीधी जिले में घटित हुए घटनाक्रम का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सीधी की घटना कांग्रेस के भीतर गहरे तक पैठी सामंतवादी मानसिकता को साफ उजागर करती है। तिवारी ने विंध्य क्षेत्र के कद्दावर कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए तंज कसा कि खुद राहुल भी यह सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि “कांग्रेस को कोई और नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस ही हरा रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि विंध्य की राजनीति में वर्तमान में ब्राह्मण समाज को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है, इसलिए समाज के लोगों को अब इन राजनीतिक चालों से सतर्क रहने और अपनी एकजुटता बनाए रखने की सख्त जरूरत है।
चुनावों में धनबल-बाहुबल का बोलबाला, आम आदमी बेबस
आज के दौर के राजनीतिक परिदृश्य और चुनावी व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए लक्ष्मण तिवारी ने कहा कि अब चुनाव लड़ना और जीतना किसी आम आदमी या साधारण जमीनी कार्यकर्ता के बस की बात नहीं रह गया है। राजनीति में धनबल और बाहुबल का इतना भारी इस्तेमाल होने लगा है कि इसके आगे सच्चे और कर्मठ उम्मीदवार हाशिए पर चले जाते हैं।
मऊगंज के विकास पर उठाए सवाल: जिला तो बना, पर जनप्रतिनिधि फेल
लक्ष्मण तिवारी ने मऊगंज को लेकर किए गए अपने प्रयासों को याद करते हुए कहा कि मऊगंज को जिला बनाने के लिए उन्होंने सड़क से लेकर सदन तक एक लंबा और कड़ा संघर्ष किया था। लेकिन जिला बनने के बाद आज जो स्थिति है, वह बेहद निराशाजनक है। उन्होंने वर्तमान स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं और मऊगंज का जैसा अपेक्षित विकास होना चाहिए था, वह आज तक नहीं हो सका है। अंत में उन्होंने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को अपनी गुटबाजी और आंतरिक कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए, वरना विंध्य क्षेत्र में उसका अस्तित्व और विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।




