Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी राज कुशवाहा और उसके तीन साथियों की जमानत याचिका को शिलांग कोर्ट ने खारिज कर दिया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग जेल में बंद सोनम रघुवंशी के प्रेमी राज कुशवाहा और उसके तीन साथियों की जमानत याचिका को शिलांग कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सोनम को जमानत मिलने के बाद इन चारों आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट का रुख किया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका ठुकरा दी।
चारों आरोपियों को झटका, राज की चौथी याचिका भी खारिज
आरोपियों के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि शिलांग पुलिस जब उन्हें गिरफ्तार करने इंदौर आई थी, तब गिरफ्तारी का कारण और कानूनी आधार नहीं बताया गया था। हालांकि सरकारी वकील ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के समय आरोपियों को पूरा कारण बताया गया था और वकील करने का भी अधिकार दिया गया था, लेकिन उन्होंने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई।
ट्रायल में देरी का हवाला, सोनम को मिली थी जमानत
इस हत्याकांड में पुलिस ने पहले ही चालान पेश कर दिया था, लेकिन ट्रायल शुरू होने के बाद अब तक सिर्फ चार गवाह ही पेश हो पाए हैं। कोर्ट ने ट्रायल में हो रही देरी और गिरफ्तारी के समय गलत धारा लगाए जाने के तर्कों को मानते हुए सोनम को जमानत दे दी थी। उसी आधार पर राज कुशवाहा और अन्य तीनों ने भी जमानत मांगी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया।
समानता के अधिकार का तर्क, फिर भी कोर्ट नहीं माना
राज कुशवाहा के वकील ने समानता के अधिकार (Right to Equality) का हवाला देते हुए कहा कि मुख्य साजिशकर्ता सोनम रघुवंशी को जमानत मिल सकती है तो अन्य आरोपियों को भी मिलनी चाहिए। कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए सभी चारों की जमानत याचिका ठुकरा दी। राज कुशवाहा की यह चौथी जमानत याचिका थी।
सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए पुलिस का हाईकोर्ट रुख
उधर, शिलांग पुलिस ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सोनम को नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 मई को होगी। फिलहाल सोनम अपने पिता के साथ शिलांग के एक होटल में ठहरी हुई है।
हत्या की घटना क्या थी?
पिछले साल जून में सोनम रघुवंशी, आनंद कुर्मी, आकाश राजपूत और विशाल चौहान ने मिलकर राजा रघुवंशी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी और शव को खाई में फेंक दिया था। हत्या के 17 दिन बाद पुलिस को शव मिला था, जिसके बाद जांच तेज हुई और पूरे मामले की गुत्थी सुलझ गई।




