रीवा जिले के त्योंथर तहसील कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान शिलापट्टिका से पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी का नाम हटाए जाने को लेकर उपजा विवाद अब तूल पकड़ चुका है। भाजपा के पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी और वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी के बीच शुरू हुई यह तकरार अब पार्टी के प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच गई है, जहां दोनों नेताओं की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से औपचारिक शिकायत की गई है और पार्टी फोरम पर भी एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारियां चल रही हैं।
शिलापट्टिका से नाम हटाने पर भड़के थे पूर्व विधायक
यह पूरा विवाद गुरुवार को तहसील कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जब शिलापट्टिका से अपना नाम गायब देख पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी बेहद नाराज होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी के समक्ष कड़ी आपत्ति जताई। द्विवेदी ने आरोप लगाया कि उनके नाम वाली शिलापट्टिका पहले ही तैयार करवा ली गई थी, जिसे जानबूझकर हटवाया गया है। उन्होंने इसे अपना व्यक्तिगत अपमान बताते हुए दो टूक कहा कि वह इस तरह के कृत्य को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।
समर्थकों की नारेबाजी और धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव
विवाद के दौरान स्थिति तब और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब श्यामलाल द्विवेदी ने विधायक सिद्धार्थ तिवारी को चेताते हुए कहा कि “अभी नए-नए विधायक बने हो, तुम्हारा यह कदम याद रखा जाएगा।” इसके तुरंत बाद दोनों पक्षों के समर्थकों ने आमने-सामने आकर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे कार्यक्रम स्थल पर धक्का-मुक्की और अफरातफरी का माहौल बन गया। बढ़ते तनाव को भांपते हुए रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने अपनी जगह से उठकर बीच-बचाव किया और पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी का हाथ पकड़कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया, हालांकि इसके बावजूद पूर्व विधायक ने पहले पूजन स्थल और बाद में मंच से भी खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
पारिवारिक मामला बताकर टालने की कोशिश, संगठन स्तर पर खींचतान तेज
दूसरी ओर, विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने इस पूरे विवाद को भाजपा का ‘पारिवारिक मामला’ करार दिया और कहा कि बड़े परिवारों में ऐसी छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं, जिसके चलते उन्होंने इस विषय पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान शुरू हुई जुबानी जंग अब पूरी तरह से संगठन के गलियारों में पहुंच चुकी है और प्रदेश नेतृत्व के हस्तक्षेप से ही इस स्थानीय राजनीतिक घमासान के सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।




