वाराणसी। वाराणसी में भारत के पहले अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे (काशी रोपवे) का ट्रायल रन शुरू हो गया है। यह रोपवे लगभग 3.8 किलोमीटर लंबा है, जो वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन को गोदौलिया चौक (काशी विश्वनाथ मंदिर के पास) से जोड़ता है। पूरे रूट पर 5 आधुनिक स्टेशन बनाए गए हैं। इस प्रणाली में लगभग 148 से 150 एयर कंडीशन गोंडोला होंगी। एक गोंडोला में एक साथ 10 यात्री सफर कर सकेंगे और प्रत्येक यात्री को 7 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति होगी।
समय की बचत
वाराणसी में बनाए गए इस अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे से जिस दूरी को तय करने में सड़क मार्ग से 45 से 60 मिनट लगते हैं, वह इस रोपवे से मात्र 16 मिनट में पूरी हो जाएगी। यह सिस्टम रोजाना करीब 1 लाख यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 807 से 815 करोड़ है।
दिसंबर तक हो सकता है जनता को समर्पित
वाराणसी में बनाए गए इस अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे का ट्रायल रन के बाद, आ चालू होने की संभावना बन गई हैं। माना जा रहा है कि आम जनता के लिए यात्री सेवाएं दिसंबर 2026 तक शुरू हो जाऐगी, हांलाकि यह ट्रायल था और अभी रोपवे को चालू करने की कोई अधिकारिक घोषणा नही की गई है।
रोपवे से बनारस का दीदार
वाराणसी में ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए तैयार किया गया यह रोपवे भारत का पहला और दुनिया का तीसरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रोजेक्ट है। यह रोपवे काशी वासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। यात्री इस रोपवे में बैठ कर बनारस के मकानों की छतें, व्यस्त सड़कें, ऐतिहासिक इमारतें, काशी विद्यापीठ और सिगरा स्टेडियम का विहंगम दृष्यों का दीदार कर सकेगे। हवा में उड़ते हुए बनारस को देखना एक बेहद रोमांचक और अलौकिक अनुभव उन्हे मिलेगा।




