अब खून की जांच से पकड़ में आएगा cancer, UCLA स्टडी में सामने आई जानकारी..

New blood test may help detect cancer early, UCLA study reveals key findings

UCLA study cancer: कैंसर की समय पर पहचान इलाज को और भी आसान बना सकती है जिससे बहुत सारे लोगों की जान बच सकती है इसी दिशा में एक नया ब्लड टेस्ट चर्चा में आया है।UCLA की एक स्टडी में दावा किया गया है कि कैंसर टेस्ट शरीर में कई तरह की कैंसर की शुरुआती संकेत देने में मदद कर सकता है तो चलिए हम इस नए टेस्ट के बारे में समझते हैं।

Cancer का नया Blood Test और कैसे करता है काम?

हाल ही में प्राप्त रिसर्च की जानकारी के अनुसार कैंसर की जांच करने के लिए एक नया टेस्ट पता चला है जो Methyl Scan तकनीक पर आधारित है जिसमें व्यक्ति के खून के सैंपल से डीएनए के खास पैटर्न को पढ़ा जाता है। शरीर की कोशिकाएं जब टूटती है तो उसका डीएनए खून में आ जाता है कैंसर जैसी बीमारियों में इन डीएनए के पैटर्न बदल जाते हैं जिन्हें यह टेस्ट पहचान की कोशिश करने लगता है। यह एक तरह का पारंपरिक बायोप्सी की तुलना में कम जटिल और कम दर्दनाक टेस्ट का तरीका है।

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इसकी स्टडी में क्या सामने आया?

UCLA की रिसर्च मैं यह बताया गया है कि यह ब्लड टेस्ट कई तरह के कैंसर का पता लगाने में सक्षम है। इस टेस्ट के द्वारा डिटेक्शन रेट लगभग 60% से ज्यादा बताए जा रहे हैं शुरुआती स्टेज में कैंसर में भी या टेस्ट उपयोगी साबित हो सकता है गलत पॉजिटिव मामलों में भी इसकी संख्या कम पाई गई है। हालांकि ये भी साफ किया गया है कि अभी तक इस टेस्ट के द्वारा सटीक जानकारी नहीं मिलती है और कुछ मामलों में कैंसर का पता भी नहीं चलता है।

क्या यह टेस्ट पूरी तरह भरोसेमंद हो सकता है?

कैंसर के ब्लड टेस्ट को लेकर फिलहाल उत्साह तो जरूर है लेकिन इसे फाइनल समाधान नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह तकनीक अभी रिसर्च और ट्रायल में हीहै। सभी कैंसर प्रकारों के लिए समान रूप से यह टेस्ट प्रभावित नहीं हो पाया है पॉजिटिव रिजल्ट आने पर अन्य जान जरूरी होगी डॉक्टर के अनुसार इसे एक स्क्रीनिंग tool के रूप में देखना चाहिए ना की अंतिम निष्कर्ष।

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इससे भविष्य में क्या बदल सकता है?

अगर कैंसर की तकनीक को बड़े स्तर पर सफल की जाती है तो हेल्थ केयर सिस्टम में बदलाव देखा जा सकता है एक ही ब्लड टेस्ट से कहीं बीमारियों की जांच भी संभव हो सकती है। ग्रामीण और कम संसाधन वाले इलाकों में भी आसान जांच संभव है। कैंसर की जल्दी पहचान से इसके इलाज में बेहतर परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।

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