Mumbai Terror Attack Was Fixed Match Of Congress And ISI: 26/11 मुंबई टेररिस्ट अटैक! आजादी के बाद भारत के इतिहास में हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला। पूरी दुनिया जानती है इस हमले के पीछे पाकिस्तान सरकार, आतंकी संगठन और ISI था लेकिन 18 साल बाद एक विस्फोटक खुलासा हुआ है. दावा किया जा रहा है कि 26/11 हमला भारत की कांग्रेस पार्टी और पाकिस्तानी की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI का फिक्स्ड मैच था! और ये दावा कोई आम इंसान या किसी पार्टी का कोई नेता नहीं बल्कि गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा प्रभाग में पूर्व अवर सचिव MVS मणि (MVS Mani, former Under Secretary in the Internal Security Division of the Home Ministry) ने किया है जो उस दौर में गृह मंत्रालय में पदस्त थे और सब कुछ उनकी आँखों के सामने घट रहा था.
ANI के एक पॉडकास्ट में MVS मणि ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार, उनके नेता और मुंबई हमले पर जो दावे दिए उन्हें सुनकर देश सन्न रह गया. उन्होंने कहा-मैं ये पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूँ कि मुंबई अटैक कांग्रेस और ISI का फिक्स्ड मैच था!
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर कोई सरकार दुश्मन देश की एजेंसी के साथ मिलकर अपने ही देश में आतंकी हमला आखिर क्यों करवाएगी? इसका जवाब है हिन्दू आतंकवाद के नरेटिव को फैलाना! MVS मणि ने नेशनल चैनल से यह दावा किया कि अगर अजमल हसाब जिन्दा न पकड़ा जाता तो इस आतंकी हमले को हिन्दू आतंकवादी हमला करार दिया जाता!
उन्होंने ने दावा किया कि- तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम ने इस हमले के दो महीने बाद यानी दिसंबर 2008 में संसद में यह बयान दिया था कि- जिस नाव से पाकिस्तानी आतंकी मुंबई के तट पर पहुंचे थे उन्हें इंडियन नेवी और कोस्टल गार्ड्स ने पाकिस्तान के पानी में स्पॉट किया था. लेकिन बाद में कोई और ख़ुफ़िया जानकारी नहीं मिली इसी लिए उन्हें छोड़ दिया गया! MVS मणि ने इसे बड़ी गलतफैमी करार दिया। उन्होंने कहा कि- कोई भी सुरक्षा एजेंसी अगर कोई प्रतिकूल तत्व देखती है तो वह उसकी जाँच जरूर करती है भले ही उसे ख़ुफ़िया जानकारी मिली हो या नहीं, और निगरानी नहीं छोड़ते। यानी उन्हें पीछे हटने के निर्देश दिए गए थे और नौसेना को सिर्फ नौसेना अध्यक्ष, गृहमंती और PMO से ही निर्देश ले सकती है
MVS मणि के अनुसार कोई ऐसा था जिसने नौसेना को पाकिस्तानी जहाज की निगरानी छोड़ने के निर्देश दिए थे. क्योंकी नौसेना निगरानी करती रहती तो आतंकियों की नाव कभी भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश नहीं कर पाती।
इतना ही नहीं जब NSG कमांडो ताज होटल में भेजे गए थे, उन्हें भी मौके पर जल्द से जल्द पहुंचने से रोका गया था. NSG की टीम मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुकी थी, मगर उन्हें वहां 2 घंटे तक रोक कर रखा गया क्योंकी तत्कालीन केंद्रीय ग्रह मंत्री शिवराज पाटिल उनके साथ जाना चाहते थे, इस चक्कर में NSG के 12 घंटे बर्बाद हुए थे.




