उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी ने सिखाया लोगों को योग, ली सेल्फी, कहा नमस्ते, जाने इन देशों से व्यापार

नईदिल्ली। उज्बेकिस्तान के दौरे पर पहुचे भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार की सुबह योगा में शामिल हुए। उन्होने यहां के लोगो को योग करना सिखाया और उनके साथ सेल्फी लिए और फिर हाथ जोड़ कर सभी से कहा नमस्ते। पीएम मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव एक कार में बैठ कर ताशकंद पहुचे। यहां दोनों देशों के बीच गहन चर्चा की गई है। जिसमें से दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान देश का यह चौथा दौरा है। वे यहां ताशकंद में शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर भी जाऐगे।

इसलिए भारत के लिए अहम है

दरअसल मध्य एशिया में तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है। भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है। दूसरा भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है। अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है।

किर्गिस्तान जाएंगे पीएम मोदी

उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को किर्गिस्तान जाऐगे। वे यहां की राजधानी बिश्केक में एससीओं की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे। भारत 2017 से एससीओं का पूर्ण सदस्य है। इस समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।

भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार और आर्थिक सहयोग

उज्बेकिस्तान मध्य एशिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, जो इसे इस क्षेत्र में भारतीय वाणिज्यिक विस्तार का प्रमुख केंद्र बनाता है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी मजबूत हो रहे हैं:

क्षेत्रविवरण
द्विपक्षीय व्यापारवर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार $1 बिलियन (लगभग 1 अरब डॉलर) के करीब पहुंच चुका है, और भारत उज्बेकिस्तान के शीर्ष 10 व्यापारिक साझेदारों में शामिल है।
भारतीय निवेशउज्बेकिस्तान में भारत का निवेश लगभग $1 बिलियन है। यह निवेश रिन्यूएबल्स (नवीकरणीय ऊर्जा), फार्मास्युटिकल्स (दवा उद्योग), कंस्ट्रक्शन, माइनिंग, आईटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।
मुख्य चर्चाएं (द्विपक्षीय बैठक)राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, क्षेत्रीय सुरक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

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