एमपी। मध्यप्रदेश के शहरी रहवासियों को स्वच्छ पानी पिलाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है, तो सरकार भी इसके लिए अब बड़ी तैयारी कर रही है। मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों के पानी सप्लाई पर रोबोट की नजर होगी। रोबोट की मदद से पानी के गुणवत्ता एवं टूट-फूटी पाइप लाइन की जानकारी जिम्मेदार विभाग के लोग लेगे। जिससे शहरी क्षेत्रों में सप्लाई होने वाली पानी की गुणवत्ता बेहतर हो सकें और अगर पाइप लाइन में खराबी आती है, तो रोबोट उक्त खराबी को तत्काल पकड़ लेगा।
इंदौर की घटना के बाद जगी सरकार
ज्ञात हो कि दिसंबर 2025 में एक ऐसी घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटी कि प्रदेश ही नही देश भर में हाहाकार मच गय। यहा दूषित पानी सप्लाई का मामला सामने आया और उक्त पानी पीने के कारण दो दर्जन से ज्यादा लोगो की मौत हो गई। दूषित पानी से लगातार मौत होने एवं लोगो के बीमार होने से सरकार के पानी सप्लाई सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए। यही वजह है कि अब सरकार इस समस्या से निपटने के लिए तथा पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए रोबोट की मदद ले रही है।
रोबोट ऐसे करेगा काम
रोबोट अत्याधुनिक कैमरों से लैस रहेगा और उसे पानी की पाइप लाइन में उतारा जाऐगा। रोबोट में लगे कैमरें पाइप के खराब पानी एवं टूटी-लाइन तक पहुच सकेगा। जिम्मेदार लोग उस स्थान को चिहिंत करके पाइप को ठीक कर सकेगे। इस सुविधा से एक बड़ा लाभ यह होगा कि खराब पाइप लाइन को तलाशने के लिए अब पानी की पाइप लाइन एवं सड़को को लम्बे चौड़े क्षेत्र में तोड़ना नही पड़ेगा, क्योकि रोबोट को पानी पाइप के प्वांइट लाइन एवं छोटे गढ्रढ़े की खुदाई करके उसे पाइप में उतारा जा सकेगा। इससे समय की बचत होगी और सड़क एवं पाइप लाइन ज्यादा खराब नही होगी।
इससे पानी सप्लाई में व्यवधान नही आ सकेगा और पानी व्यवस्था जल्द ठीक हो सकेगी। ज्ञात हो कि पानी एवं पाइप में खराबी आने पर लोगो के घरों में दूषित पानी पहुचने लगता है और उसे ठीक करने में काफी समय लग जाता है। इस सुविधा के आ जाने से अब कंम समय में स्वच्छ पानी की सप्लाई सुचारू रहेगी।
कई राज्यों में है यह सुविधा
रोबोट से पानी की जांच सुविधा अकेले मध्यप्रदेश में नही होने जा रही बल्कि पूर्व से कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडू समेत तकरीबन 15 से ज्यादा राज्यों में रोबोटिक जांच सुविधा बनाई गई है और पानी की जांच रोबोट से की जा रही है। इस सुविधा को अब मध्यप्रदेश सरकार भी अपनाने जा रही है। इसके लिए टेंडर आदि प्रक्रिया की जा रही है। जो जानकारी आ रही है उसके तहत कुछ कंपनियों ने इसके लिए रूचि भी ले रही है। माना जा रहा है कि सभी प्रक्रियाऐं पूरी होने पर एमपी के नगरीय विकास विभाग प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में यह सुविधा जल्द ही शुरू कर देगा।




