रीवा के छात्रावास से निकल रहे थें सांसद जर्नादन मिश्रा, छात्र संगठनों ने रोका लिया उनका वाहन और फिर…

रीवा। रविवार को रीवा सांसद जर्नादन मिश्रा का छात्र संगठन के लोगो ने उस समय वाहन रोक लिए, जब वे छात्रावास से निकल रहे थे। इसी बीच छात्रावास के गेट पर टीआरएस महाविद्यालय एनएसयूआई अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा के नेतृत्व में छात्रों ने उन्हे रोक लिया और छात्रावास की समस्याओं का निराकरण करने की बात पर अड़े रहे, हांलाकि सांसद ने यह कहते हुए छात्रों को समझाइस दिए कि जो भी समस्या होगी उसका निराकरण करने के लिए अधिकारी आऐगे।

छात्रों ने पूर्व में किया था आंदोलन

एनएसयूआई अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा का कहना था कि जिस अनुसूचित जनजाति छात्रावास की बदहाल स्थिति को लेकर सांसद आवास का घेराव किया गया था, उसके बाद सांसद महोदय छात्रावास पहुंचे। लेकिन दुख की बात यह है कि जिस छात्रावास में वास्तविक समस्याएं हैं, जहाँ सैकड़ों आदिवासी छात्र गड्ढे का पानी पीने को मजबूर हैं, जहाँ जर्जर भवन कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, ऐसी समस्या को सांसद देखने तक नही गए। जिसके चलते उनके वाहन को रोक कर समस्या से अवगत कराया गया है।

छात्रों पर बनाया जा रहा दबाब

नित्कर्ष मिश्रा का कहना है कि छात्रों द्वारा मुझे फोन कर बताया गया कि आदिवासी छात्रावास के छात्रों के ऊपर दबाव बनाकर जबरन दूसरे हॉस्टल में ले जाकर फोटो और वीडियो बनवाए जा रहे हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि यहाँ सब कुछ ठीक है और कोई समस्या नहीं है।

जिम्मेदारी से भाग रहे सांसद

टीआरएस महाविद्यालय एनएसयूआई अध्यक्ष नित्कर्ष मिश्रा का आरोप है कि वास्तविकता देखने और अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय सांसद महोदय ने कहा कि हम आपसे बात नहीं करेंगे, हम आज नहीं आएंगे, कल आएंगे। ऐसे में सांसद जी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए नजर आ रहे। छात्र संगठन पदाधिकारी ने सवाल उठाया है कि जब आदिवासी छात्र आज 3 वर्षों से गड्ढे का पानी पी रहे हैं, जब आज उनकी जान जर्जर भवन में खतरे में है, तो फिर निरीक्षण भी कल क्यों? सांसद जी को इस बात का डर था कहीं कैमरे के सामने उनकी सच्चाई सबके सामने न आ जाए, बहरहाल छात्रावास के बदहाली और सांसद के निरिक्षण को लेकर सांसद श्री मिश्र की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नही आई है।

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