सिंगरौली में सड़क आंदोलन का समर्थन करने पहुंचीं महापौर, खराब रास्ते पर फंसी गाड़ी, 2 किमी पैदल चलीं

Mayor arrives in Singrauli to support the road protest.

सिंगरौली: जिले के खड्डी खुर्द के बगैहा टोला में सड़क निर्माण की मांग को लेकर पिछले 11 दिनों से लगातार धरना दे रही सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू के समर्थन में शुक्रवार को सिंगरौली नगर निगम की महापौर और आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल धरना स्थल पर पहुंचीं। हालांकि, इस दौरे के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और इलाके के खराब बुनियादी ढांचे की एक अलग ही तस्वीर सामने आ गई, जब महापौर की गाड़ी उबड़-खाबड़ और जर्जर सड़क पर फंस गई।

ग्रामीणों को देना पड़ा धक्का, महापौर को चलना पड़ा पैदल

बगैहा टोला पहुंचने के दौरान खराब रास्ते के कारण महापौर रानी अग्रवाल की गाड़ी बीच रास्ते में ही फंस गई। स्थिति को संभालते हुए मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने खुद गाड़ी को धक्का देकर बाहर निकाला। रास्ता इतना खराब था कि महापौर को अपनी गाड़ी छोड़कर 2 किलोमीटर से अधिक का सफर पैदल तय करके धरना स्थल तक पहुंचना पड़ा। मौके पर पहुंचकर उन्होंने सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया, ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके इस सड़क निर्माण आंदोलन का पूर्ण समर्थन किया।

11 दिन बीतने के बाद भी नहीं पहुंचा प्रशासन

धरने पर बैठी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ने रोष जताते हुए कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर धरना शुरू किए हुए 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी सुधि लेने मौके पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने यह भी बताया कि आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी पहली बार इस आंदोलन के समर्थन में यहां पहुंचे हैं।

ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इस जर्जर रास्ते के कारण उन्हें मुख्यालय आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में इस सड़क की स्थिति और भी ज्यादा बदतर हो जाती है। यह मार्ग केवल बगैहा टोला ही नहीं, बल्कि आसपास के कई अन्य गांवों के लोगों के आवागमन का भी मुख्य जरिया है।

“चाहे किसी का भी क्षेत्र हो, सड़क का निर्माण होना चाहिए”

महापौर रानी अग्रवाल ने कहा कि मौके पर आने के बाद ही उन्हें इस सड़क की वास्तविक और दयनीय स्थिति का पता चला है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि यह इलाका चाहे किसी भी विधायक के क्षेत्र में आता हो, लेकिन आम जनता और ग्रामीणों की इस गंभीर परेशानी को देखते हुए वहां सड़क का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए। महापौर ने इस मामले में सरकार को पत्र लिखकर सड़क निर्माण की पुरजोर मांग उठाने का आश्वासन दिया है। 11 दिन के इस लंबे धरने के बाद अब ग्रामीण प्रशासन और सरकार की ओर से किसी ठोस और सकारात्मक कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *