सजा मैहर का शारदा धाम, 11 से 20 अक्टूबर तक नवदुर्गा मेला, अल सुबह 3.30 बजे से भक्तों को मां देगी दर्शन

मैहर। विंध्य के मैहर की उॅची चोटी में विराजमान मां शारदा धाम में 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक भव्य नवदुर्गा मेले का आयोजन हो रहा है। नवरात्रि के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए मैहर पहुंचेंगे। मेले को लेकर मंदिर क्षेत्र सहित शहर में तैयारियां की गई हैं।

इस तरह से भक्त पहुच सकेगे मां के द्वार

जानकारी के अनुसार मैहर रेलवे स्टेशन से मां शारदा देवी मंदिर की दूरी करीब 5 किलोमीटर है, जबकि मंदिर पहाड़ी की ऊंचाई लगभग 600 फीट बताई गई है। मंदिर परिसर तक पहुंचने के लिए प्रथम सीढ़ी से कुल 1051 सीढ़ियां हैं। वहीं मंदिर समिति भवन से बैटरी वाहन अन्य मार्ग से जाने पर थर्ड राउंड से 192 सीढ़ियां होने की जानकारी दी गई है। भक्तों के लिए रोप-वे की सुविधा भी नवरात्रि में बहाल रहेगी।

प्रतिदिन 1.25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

नवरात्रि मेले के दौरान मां शारदा के दर्शन के लिए प्रतिदिन करीब 1 लाख 25 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती है। तो वही प्रशासन ने मैहर समेत पूरे मेला परिक्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक कदम उठाए है।

मंदिर दर्शन का समय

श्रद्धालुओं के लिए जारी जानकारी के अनुसार मंदिर के पट प्रातः 3.30 बजे खोले जाते हैं। दोपहर करीब 1 बजे अल्प समय के लिए मंदिर बंद रहेगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोप-वे सुबह 6 बजे से रात में पट बंद होने तक संचालित रहने की जानकारी दी गई है। नवरात्रि मेले में भारी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं से प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन द्वारा निर्धारित मार्ग, दर्शन समय और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। मैहर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यातायात, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था इस बार भी अहम रहेगी।

मैहर में 15 जोड़ी ट्रेनों का अस्थायी ठहराव

पश्चिम मध्य रेलवे ने शारदीय नवरात्र मेले को ध्यान में रखते हुए यात्रियों के लिए बड़ी राहत दी है। रेलवे ने 11 से 22 अक्टूबर तक मैहर स्टेशन पर 15 जोड़ी यानी कुल 30 एक्सप्रेस ट्रेनों को 5 मिनट का अस्थायी ठहराव देने का फैसला किया है। इस व्यवस्था से मुंबई, पुणे, सूरत, पटना और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से मां शारदा धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत होगी। जबलपुर मुख्यालय के आदेश के अनुसार, इन सभी ट्रेनों के मैहर स्टेशन पर रुकने से यात्री बिना किसी परेशानी के आसानी से ट्रेन में चढ़ और उतर सकेंगे। रुकने वाली प्रमुख ट्रेनों में एलटीटी-गोरखपुर, एलटीटी-छपरा, गंगा कावेरी एक्सप्रेस और ताप्ती गंगा एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियां शामिल हैं।

मैहर धाम की प्रमुख विशेषताएँ:

  • स्थान: यह मंदिर त्रिकूट पर्वत पर लगभग 600 फीट की ऊँचाई पर स्थित है।
  • सीढ़ियाँ और रोपवे: मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग 1000 से अधिक सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ रोपवे (Ropeway) की सुविधा भी उपलब्ध है।
  • मान्यता: पौराणिक मान्यता के अनुसार यहाँ माता सती का हार गिरा था, इसलिए इस स्थान का नाम ‘मैहर’ (माँ का हार) पड़ा। [1]
  • आला-उदल की भक्ति: ऐसा विश्वास है कि योद्धा आल्हा और उदल माता शारदा के परम भक्त थे और आज भी सबसे पहले दर्शन आल्हा-उदल द्वारा ही किए जाने की मान्यता है।
  • संगीत से संबंध: महान संगीतज्ञ पंडित रविशंकर को यहीं माँ शारदा की कृपा से संगीत में सिद्धि प्राप्त हुई थी।

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