रीवा: जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र की रहने वाली मिथिलेश सिंह ने शारीरिक पीड़ा और आर्थिक तंगी से त्रस्त होकर शुक्रवार रात अपने घर में आग लगाकर आत्महत्या कर ली। पारिवारिक विवाद के चलते मृतिका अपने पति से अलग अजिगरहा में रह रही थीं। इस घटना का एक अत्यंत दुखद पहलू यह भी सामने आया है कि मौत की सूचना के बाद भी कोई परिजन तुरंत सामने नहीं आया है। विश्वविद्यालय पुलिस ने उनके बेटे से संपर्क किया है, जिसने रविवार को रीवा पहुंचने की बात कही है।
मृतका के शुभचिंतक जेपी कुशवाहा ने जानकारी दी है कि महिला के कंधे का एक ऑपरेशन हुआ था जो सफल नहीं रहा था। इस कारण वह लगातार गंभीर शारीरिक दर्द से जूझ रही थीं। दर्द से राहत पाने के लिए वह तीन दिन पहले दिल्ली भी गईं थीं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि इसके उपचार में बहुत अधिक खर्च आएगा। इसी भीषण दर्द और भारी आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।
घटना से पहले, मृतिका ने रीवा के संजय गांधी अस्पताल में हुए इलाज और ऑपरेशन को लेकर डॉक्टर शुभम मिश्रा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था और इस संबंध में कलेक्टर से लिखित शिकायत भी की थी। मिथिलेश सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि 21 दिसंबर 2025 को उनके कंधे का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन दर्द से राहत न मिलने पर उन्होंने जबलपुर के गैलेक्सी अस्पताल में जांच कराई, जहां 17 सितंबर 2026 को उनका दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा था। पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई, उनका लाइसेंस निरस्त करने और बेहतर इलाज की मांग की थी। हालांकि, इस मामले में चिकित्सकीय लापरवाही की वास्तविक पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




