LDL Cholesterol Target: दिल की बीमारियों से बचने को लेकर डॉक्टर ने अब कोलेस्ट्रॉल के लक्ष्य को लेकर अपना एक नया नजरियाअपनाया है। हाल ही में एक रिपोर्ट के अनुसार अब एक तय संख्या पर निर्भर रहने के बजाय मरीजों के पूरे स्वास्थ्य रिस्क को ध्यान में रखकर टारगेट तय किया जाएगा। जिसे बेहतर हार्ट प्रोटेक्शन संभव हो पाए।

Cholesterol Target अब क्यों बदला है?
डॉक्टर के अनुसार पहले एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लिए एक सामान्य सीमा तय की जाती थी लेकिन अब यह तरीका धीरे-धीरे बदलता जा रहा है। नई गाइडलाइंस या बताती है कि हर व्यक्ति का रिस्क अलग-अलग होता है इसलिए एक ही नंबर पर सभी लागू नहीं हो सकता है। इसी कारण डॉक्टर अब मरीज की मेडिकल हिस्ट्री उम्र और अन्य बीमारियों को ध्यान में रखकर ही लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।
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इसमें रिस्क के आधार पर तय होगा नया लक्ष्य
जानकारी के अनुसार जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक स्ट्रोक या फिर डायबिटीज जैसे समस्या है उनके लिए कोलेस्ट्रोल का लक्ष्य पहले से काफी कम रखा जा रहा है। वही कम रिस्क वाले लोगों के लिए यह सीमा थोड़ी ज्यादा की जा सकती है। इस बदलाव का मकसद है कि हाई रिस्क वाले मरीजों में दिल की बीमारी की संभावनाओं को और भी कम किया जा सके।
इससे इलाज में भी आया बदलाव
डॉक्टर की इस नई प्लानिंग के तहत केवल दावों पर निर्भर रहने के बजाय लोगों की लाइफ स्टाइल पर सुधार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। डॉक्टर अपनी जरूरत के अनुसार स्टार्टिंग जैसी दवाई देते हैं लेकिन साथ ही खान-पान एक्सरसाइज और वजन नियंत्रण को भी उतना ही जरूरी मानते हैं। इससे मरीजों की लंबी अवधि में बेहतर रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं।
जितना कम, उतना बेहतर की है सोच
डॉक्टर के मुताबिक कोलेस्ट्रॉल जितना कम रहेगा दिल के लिए उतना ही सुरक्षित होगा। हालांकि से हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित सीमा के भीतर ही रखा जाना चाहिए यही कारण है कि अब lower is better की सोच को भी बढ़ावा मिल रहा है लेकिन डॉक्टर की सलाह के अनुसार।
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इससे क्या है इसका सीधा मतलब?
इस बदलाव का सीधा असर यह होगा कि अब लोगों को केवल रिपोर्ट के नंबर पर ही नहीं बल्कि पूरी हेल्थ प्रोफाइल को ध्यान में रखकर Cholesterol निर्णय बताया जाएगा। इसके लिए नियमित जांच संतुलित आहार और सक्रिय जीवन शैली अपनाई जाएगी ताकि दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव संभव हो पाए। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को लेकर बदलते यह मानक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़े कदम की तरह बताई जा रहे हैं।




