NTPC विंध्याचल की बड़ी लापरवाही, फ्लाई ऐश पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर प्रदूषित पानी ने बढ़ाई मुसीबत

Fly ash pipeline burst in NTPC Vindhyachal

सिंगरौली। देश के सबसे बड़े पावर प्लांट में शुमार NTPC विंध्याचल एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। शुक्रवार को प्लांट के लेबर गेट के पास फ्लाई ऐश (राखड़) ले जाने वाली मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। इस हादसे के कारण हजारों लीटर प्रदूषित पानी और राखड़ का मलबा देखते ही देखते पूरे इलाके में फैल गया, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचने की आशंका है।

प्रबंधन की ‘अनभिज्ञता’ ने खड़े किए सवाल
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी एनटीपीसी प्रबंधन चैन की नींद सोता रहा। जब मीडिया ने एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी शंकर सुब्रमण्यम से इस संबंध में जानकारी मांगी, तो उन्होंने पूरी तरह से अनभिज्ञता व्यक्त की। प्रबंधन का यह ढुलमुल रवैया उनकी सुरक्षा और निगरानी तंत्र की पोल खोलता है। अधिकारियों ने यहाँ तक कह दिया कि फोटो-वीडियो मिलने के बाद ही वे जांच करेंगे।

जर्जर पाइपलाइन: ग्रामीणों के लिए बनी जी का जंजाल
यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर जुआड़ी गांव के निवासियों में प्रबंधन के प्रति भारी आक्रोश है।ग्रामीण सुरेश कुमार पांडे के अनुसार, पाइपलाइन जगह-जगह से जर्जर हो चुकी है और अक्सर फटती रहती है। इससे निकलने वाला प्रदूषित पानी खेतों में भर जाता है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। फ्लाई ऐश के पानी से मिट्टी की उर्वरता खत्म हो रही है और भूजल भी दूषित हो रहा है।

मेंटेनेंस का काम शुरू
सोशल मीडिया और मीडिया में खबर प्रसारित होने के बाद प्रबंधन की नींद टूटी। आनन-फानन में क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के मेंटेनेंस का काम शुरू किया गया। जनसंपर्क अधिकारी ने बाद में स्पष्ट किया कि फिलहाल सेकेंडरी पाइपलाइन को चालू कर दिया गया है और प्रभावित हिस्से की मरम्मत की जा रही है।

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