नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी में जुटा प्रशासन, आरक्षण प्रक्रिया के लिए जबाबदेही तय

भोपाल। मध्यप्रदेश में नगर निगम, नगरपालिका चुनाव 2027 में प्रस्तावित है। इसके लिए प्रशासन स्तर से तैयारी शुरू हो गई हैं। सरकार ने महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष के पद के लिए आरक्षण की कार्रवाई कराने अधिकारी की जबाबदेही तय कर दी है। जिससे मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव समय पूरे करवाए जा सकें और नगर सरकार का गठन तय अवधि में हो सकें, उधर, राज्य निर्वाचन आयोग भी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों की मतदाता सूची तैयार कराने की प्रक्रिया में जुट गया है। माना जा रहा है कि सरकार और निर्वाचन आयोग दोनों स्तरों पर चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

आयुक्त को दी गई जिम्मेदारी

महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष के पद के लिए आरक्षण की कार्रवाई कराने नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष पदों का आरक्षण मध्यप्रदेश नगरपालिका (महापौर एवं अध्यक्ष पद आरक्षण) नियम, 1999 के प्रावधानों के तहत किया जाएगा। इसी के तहत आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए आरक्षण प्रक्रिया का संचालन आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा किया जाएगा।

महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें है आरक्षित

आरक्षण को लेकर वर्तमान में जो व्यवस्था है उसके तहत नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए कुल पदों का 50 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षण संबंधित क्षेत्र की जनसंख्या के अनुपात के आधार पर तय किया जाता है। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आरक्षण का निर्धारण रोटेशन प्रणाली के आधार पर किया जाता है। नगर निगमों में महापौर पदों के आरक्षण का फैसला लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है, जिसमें यह तय होता है कि कौन-सा नगर निगम किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा।

मई 2022 में हुई थी प्रक्रिया

मई 2022 में महापौर के पदों के लिए आरक्षण की कार्रवाई की गई थी।
2022 से पहले 2014 में नगर निगम और नगरपालिका के चुनाव हुए थे।
2018 में कांग्रेस की सरकार बनी तो 2019 के चुनाव टाल दिए गए।
2020 में कांग्रेस की सरकार तख्तापलट के चलते गिरी और बीजेपी की सरकार बनी, लेकिन कोविड का दौर आ गया, इसलिए चुनाव नहीं कराए गए।
2022 में ओबीसी आरक्षण के चलते चुनाव टाले जा रहे थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आनन-फानन में सरकार ने नगर निगम, नगरपालिका के चुनाव कराए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *