रीवा। शहर के पैपखरा क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां एक घर में गैस रिसाव के बाद अचानक भड़की भीषण आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक अग्निकांड में दो मासूम बच्चों सहित एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार का आशियाना और घर में रखा सारा सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल (SGMH) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
बछड़े के टकराने से निकली पाइप, पूरे घर में फैली गैस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पैपखरा निवासी यशोदानंद शुक्ला के घर के आंगन में मिट्टी के चूल्हे पर देर रात का खाना बनाया जा रहा था। वहीं अंदर एक कमरे में रसोई गैस सिलेंडर रखा हुआ था, जिसके पास ही परिवार का एक बछड़ा भी बंधा था। बताया जा रहा है कि सिलेंडर का रेगुलेटर खुला रह गया था। इसी दौरान अचानक बछड़े के हलचल करने और सिलेंडर से टकराने के कारण गैस पाइप नोजल से बाहर निकल गई। पाइप निकलते ही कमरे के भीतर बेहद तेजी से एलपीजी (LPG) गैस का रिसाव शुरू हो गया और कुछ ही देर में पूरी गैस घर के बाकी हिस्सों में फैल गई।
चूल्हे की चिंगारी से भड़कीं लपटें, संभलने का भी नहीं मिला मौका
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय परिवार के सभी सदस्य आंगन में चूल्हे के पास ही बैठकर रात का भोजन कर रहे थे। इसी बीच कमरे से रिसते हुए गैस जैसे ही आंगन में जल रहे चूल्हे के संपर्क में आई, वैसे ही पूरी रसोई ने बारूद की तरह आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की गगनचुंबी लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे पक्के-कच्चे मकान को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि आंगन में बैठे परिवार को वहां से भागने या संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था।
हादसे में झुलसे अपनों को देख कांप उठे लोग, पुलिस जांच में जुटी
इस भीषण अग्निकांड की चपेट में आने से मकान मालिक यशोदानंद शुक्ला, इंद्रकली शुक्ला और दो मासूम बच्चे आयुष्मान व दिव्यांश बुरी तरह झुलस गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए रीवा सीएसपी रितु उपाध्याय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बछड़े के टकराने से गैस रिसाव होने और चूल्हे की चिंगारी से आग भड़कने की पुष्टि हुई है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे रात को सोते समय या गैस का उपयोग न होने पर सिलेंडर का रेगुलेटर अनिवार्य रूप से बंद रखें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।




