मध्य प्रदेश के रीवा जिले के डभौरा रेलवे स्टेशन के समीप शनिवार को चलती ट्रेन में विवाद के बाद एक यात्री को नीचे फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अहमदाबाद से पटना जा रही अहमदाबाद-पटना एक्सप्रेस में यात्रियों के बीच हुए आपसी झगड़े के दौरान एक युवक चलती ट्रेन से ट्रैक के नीचे जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में युवक को रेस्क्यू कर इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SSMC) में भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बिहार का रहने वाला है घायल पीड़ित
अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल यात्री की पहचान बिहार के पटना निवासी करण कुमार सैनी के रूप में हुई है। करण अहमदाबाद में काम करता था और शनिवार को इसी एक्सप्रेस ट्रेन से अपने घर पटना लौट रहा था। हादसे में उसके शरीर और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।
“बगल वाले झगड़ रहे थे, अचानक मुझे लात मारी और मैं नीचे गिर गया”
अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे पीड़ित करण कुमार ने घटना की खौफनाक दास्तान बयां की है। घायल यात्री के मुताबिक: “मैं अपनी सीट पर शांति से बैठा हुआ था। इसी दौरान मेरे ठीक बगल वाली सीट पर बैठे कुछ लोग आपस में किसी बात को लेकर गाली-गलौज और झगड़ा कर रहे थे। विवाद इतना बढ़ गया कि वे आपस में लात-घूंसे चलाने लगे। इसी बीच एक दबंग व्यक्ति ने जोरदार लात मारी, जो सीधे मुझे आकर लगी। लात के जोरदार धक्के से मेरा संतुलन बिगड़ गया और मैं सीधे चलती ट्रेन के दरवाजे से बाहर नीचे जा गिरा।”
धक्का-मुक्की या सोची-समझी साजिश? जांच में जुटी GRP
डभौरा रेलवे स्टेशन के पास जब ग्रामीणों ने युवक को रेलवे ट्रैक के किनारे तड़पते देखा, तो तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर और रेलवे पुलिस को दी। जीआरपी की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एम्बुलेंस बुलाई और घायल को अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल जीआरपी पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह घटना महज एक हादसा थी या फिर किसी ने जानबूझकर करण को ट्रेन से नीचे धक्का दिया। पुलिस की एक टीम ट्रेन में सफर कर रहे अन्य सह-यात्रियों से भी संपर्क कर पूछताछ कर रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।
सहमे सह-यात्री, रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल
चलती ट्रेन में दिनदहाड़े हुई इस हिंसक वारदात के बाद अहमदाबाद-पटना एक्सप्रेस में सफर कर रहे अन्य मुसाफिरों के बीच दहशत और चिंता का माहौल देखा गया। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि मामले की मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। सभी तथ्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल डॉक्टरों की टीम घायल युवक की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखे हुए है।




