CM Yogi Viral Selfie : अपने सख्त फैसलों और सख्त अंदाज के लिए जाने जाने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार मंच पर कुछ ऐसे किस्से सुना देते हैं, जिसका जिक्र करते समय उनके चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती है। दिल छू लेने वाली ऐसी ही एक तस्वीर राजधानी लखनऊ में देखने को मिली। जहां एक नन्ही बच्ची की मासूम आवाज ने सीएम योगी के कदम रोक दिए।सीएम योगी लखनऊ में आयोजित एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम में पहुंचे थे और एक प्रदर्शनी में अलग-अलग व्यंजनों के स्टॉल का अवलोकन कर रहे थे। तभी अचानक एक छोटी बच्ची ने उन्हें आवाज लगाई और बोली- “योगी जी, मूंग दाल की नमकीन ले लीजिए। मेरी मम्मी ने बनाई है।”
बस फिर क्या था, बच्ची की इस मासूम पुकार को सुनकर सीएम खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने अपने कदम रोके और सीधे बच्ची के स्टॉल पर पहुंच गए। बच्ची ने बड़े ही उत्साह के साथ अपनी मां के हाथों से तैयार की गई मूंग दाल की नमकीन का पैकेट मुख्यमंत्री को भेंट किया।
इस मुलाकात की सबसे खास बात सिर्फ नमकीन का पैकेट देना नहीं था बल्कि उसके पीछे छिपा वो मासूम भाव था, जिसने मुख्यमंत्री से लेकर वहां मौजूद हर शख्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। और इसके बाद सीएम योगी उस बच्ची को सीधे अपने साथ मंच पर ले गए।
बच्ची बोली- योगी जी, नमकीन ले लीजिए
बच्ची ने मुख्यमंत्री से कहा था, “आप हमें चॉकलेट देते हैं, तो हमारी तरफ से यह नमकीन ले लीजिए। यानी बच्ची के मन में मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह था। वह उसी स्नेह को अपने परिवार के बनाए उत्पाद के जरिए जाहिर करना चाहती थी। न कोई राजनीतिक समझ न कोई कारोबारी मोलभाव, न ही किसी तरह का प्रचार, बस अपनी मां के हाथों बनी नमकीन मुख्यमंत्री को खिलाने की एक छोटी-सी इच्छा, बच्ची की बात सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुस्कुरा दिए। उन्होंने बच्ची के हाथों से नमकीन का पैकेट स्वीकार किया। उससे बातचीत की और उसके साथ सेल्फी भी ली। कुछ ही मिनटों का यह वाकया वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार बन गया। क्योंकि एक तरफ प्रदेश का मुख्यमंत्री था तो दूसरी तरफ अपने परिवार के छोटे से कारोबार को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही एक नन्ही बच्ची।
कौन है नन्ही बच्ची वाची?
दरअसल, इस बच्ची का नाम वाची सक्सेना बताया गया है। वह मुरादाबाद से आए अमित कुमार सक्सेना की बेटी है। कार्यक्रम में उसके पिता अमित कुमार सक्सेना, मां प्रिया और बहन आची भी मौजूद थीं। परिवार का स्टॉल मूंग दाल की नमकीन का था, जिसे बच्ची की मां प्रिया घर पर तैयार करती हैं और बेचती हैं। यह सिर्फ एक नमकीन का स्टॉल नहीं था बल्कि एक परिवार की मेहनत, आत्मनिर्भरता और अपने हुनर को पहचान दिलाने की कोशिश भी थी।
मुरादाबाद से स्टॉल लगाने आया था परिवार
मुरादाबाद से लखनऊ पहुंचे इस परिवार के लिए मुख्यमंत्री के सामने अपने उत्पाद को पेश करना पहले ही एक खास मौका था। लेकिन शायद वाची ने भी नहीं सोचा होगा कि उसकी एक छोटी-सी आवाज इतनी बड़ी मुलाकात में बदल जाएगी। मुख्यमंत्री स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए आगे बढ़ रहे थे। तभी वाची ने उन्हें रोककर नमकीन लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने भी बच्ची के उत्साह को देखते हुए उसके परिवार की मेहनत का सम्मान किया।
सीएम योगी ने बच्ची को मंच पर बुलाया
इस पूरे मामले की चर्चा सिर्फ प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान भी इस मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस तरह एक बच्ची ने उन्हें आवाज देकर अपनी मां के हाथों की बनी नमकीन भेंट की थी। बच्ची का कहना था कि आप हमें चॉकलेट देते हैं, इसलिए हमारी तरफ से यह नमकीन स्वीकार कीजिए। मुख्यमंत्री ने इस के किस्से के पीछे छिपे भाव को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि बच्ची किसी फायदे या कारोबार की बात नहीं कर रही थी बल्कि उसके पीछे शुद्ध प्रेम और अपनापन था। बच्ची के इस स्नेह ने उन्हें प्रभावित किया। यही वजह रही कि उन्होंने न सिर्फ नमकीन स्वीकार की, बल्कि उसके साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
जब मुख्यमंत्री मंच से इस पूरे किस्से को सुना रहे थे। तब कार्यक्रम में मौजूद बच्चियां अपने माता-पिता के साथ खुशी से उछल पड़ीं। उनके चेहरों पर मुस्कान थी। आखिर जिस छोटी-सी कोशिश को उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर किया था। उसका जिक्र अब प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद मंच से कर रहे थे। लेकिन इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ अलग-अलग जिलों के व्यंजनों को प्रदर्शित करना नहीं था। इसके पीछे उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वाद, पारंपरिक खानपान और छोटे कारोबारियों को नई पहचान देने की एक बड़ी पहल भी थी।
सीएम योगी ने बच्ची की नमकीन को ब्रांड देने की मांग की
दरअसल, राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दैनिक जागरण और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम यानी MSME विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से आए कारीगरों, उद्यमियों और स्थानीय उत्पाद तैयार करने वालों ने अपने-अपने व्यंजनों और उत्पादों का प्रदर्शन किया। सीएम योगी ने इस अवसर पर योजना को जमीन पर उतारने में योगदान देने वाले विभिन्न जनपदों के कुशल कारीगरों को सम्मानित भी किया। साथ ही स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने की जरूरत पर जोर दिया।
कई उत्पादों को सही बाजार नहीं मिल पाता : सीएम योगी
सीएम योगी का कहना है कि उत्तर प्रदेश के हर जिले की अपनी एक अलग खानपान परंपरा और खास पहचान है। कहीं की मिठाई मशहूर है, कहीं का नमकीन लोगों की पसंद है, तो कहीं के पारंपरिक व्यंजन पीढ़ियों से लोगों की थाली का हिस्सा बने हुए हैं। लेकिन अक्सर इन उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर पहचान नहीं मिल पाती। इसकी एक बड़ी वजह बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की कमी भी है। ऐसे में ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ जैसी पहल का उद्देश्य स्थानीय व्यंजनों को व्यवस्थित पहचान दिलाना और उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचाना है। ताकि छोटे उद्यमियों और घरों में पारंपरिक व्यंजन तैयार करने वाले परिवारों को भी कारोबार बढ़ाने का अवसर मिल सके।
इसी सोच को मुख्यमंत्री ने वाची के परिवार के उदाहरण से जोड़कर देखा। क्योंकि वाची की मां घर पर मूंग दाल की नमकीन बनाती हैं। परिवार उसे बेचता है। अगर इसी उत्पाद को बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का साथ मिल जाए तो यह सिर्फ एक स्थानीय स्टॉल तक सीमित नहीं रहेगा… बल्कि बड़े बाजार में भी अपनी जगह बना सकता है।




