रीवा की प्रसिद्ध ‘रंग उत्सव नाट्य समिति’ के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि समिति की सुप्रसिद्ध नाट्य प्रस्तुति ‘आदि शंकराचार्य’ का चयन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (National School of Drama), नई दिल्ली द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 26वें ‘भारत रंग महोत्सव 2027’ के प्रथम चरण के लिए हो गया है, जो न केवल समिति बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र और रीवा के रंगमंचीय इतिहास में एक अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक उपलब्धि है।
देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित यह महोत्सव देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव माना जाता है, जिसमें भारत समेत दुनिया भर के चुनिंदा नाट्य समूह अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करते हैं, और इस बार इस प्रतिष्ठित मंच पर रीवा के नाटक को स्थान मिलना विंध्य की सांस्कृतिक प्रतिभा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
रीवा के रंगमंच के इतिहास में यह पहला अवसर
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का महत्व इसलिए भी और अधिक बढ़ जाता है क्योंकि रीवा के रंगमंच के इतिहास में यह पहला अवसर है जब यहाँ की किसी नाट्य प्रस्तुति ने भारत रंग महोत्सव जैसे वैश्विक मंच पर अपनी जगह बनाई है, इसके अलावा इस वर्ष पूरे मध्य प्रदेश से मात्र तीन ही चयनित प्रस्तुतियों को इस महोत्सव में शामिल होने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ है। इस बहुचर्चित नाटक के लेखक योगेश त्रिपाठी हैं, जबकि इसका शानदार निर्देशन अंकित मिश्रा द्वारा किया गया है, जिनके नेतृत्व में समिति के तमाम कलाकारों और रंगकर्मियों ने दिन-रात अथक परिश्रम कर इस प्रस्तुति को जीवंत किया है।
इस बड़ी सफलता पर निर्देशक अंकित मिश्रा, संरक्षक विभु सूरी, वरिष्ठ कलाकार राज तिवारी भोला, अखण्ड प्रताप सिंह, विजय तिवारी, शुभम पाण्डेय, गौरव सिंह, सिद्धार्थ दुबे, प्रभात गौतम, साहिल, सिद्धार्थ प्रजापति, दीपक पटेल, अमृता सिंह, आरती सहित समिति से जुड़े समस्त सदस्यों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे रीवा कला जगत के लिए गर्व का क्षण बताया है।




