Chhattisgarh Crime News: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर और कोरिया जिले की सीमा से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि चरित्र संदेह को लेकर एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ गंभीर मारपीट की और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि प्रेम विवाह करने वाले इस दंपति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा और आक्रोश का माहौल है।
Chhattisgarh Crime News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से महिला उत्पीड़न (Women Harassment) का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर चरित्र संदेह (Character Suspicion) के चलते उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
प्रेम विवाह के बाद बिगड़े रिश्ते
जानकारी के अनुसार दोनों ने वर्ष 2006 में प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था। विवाह के बाद कई वर्षों तक दोनों साथ रहे और उनके चार बच्चे भी हैं। हालांकि समय के साथ पारिवारिक विवाद बढ़ते गए और पिछले करीब एक वर्ष से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। बताया जा रहा है कि महिला मूल रूप से सूरजपुर जिले की निवासी है और हाल ही में कोरिया जिले के पांडोपारा क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के घर गई हुई थी। इसी दौरान आरोपी पति के वहां पहुंचने और घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है।
मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के आरोप
पीड़िता और उसके परिजनों का आरोप है कि पति ने महिला के साथ मारपीट (Assault) की तथा उसे अपमानित करने वाली हरकतें कीं। घटना के बाद महिला को गहरा मानसिक आघात पहुंचा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य किए, जिसकी वजह से पूरे परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है।
वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल
मामले को और गंभीर बनाते हुए आरोपी पर घटना का वीडियो (Viral Video) बनाने और उसे सोशल मीडिया (Social Media) पर साझा करने का भी आरोप है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने घटना की निंदा की है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वीडियो वायरल होने से महिला को सामाजिक और मानसिक रूप से अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद दर्ज की गई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई और प्रारंभिक स्तर पर अपेक्षाकृत हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसी कारण स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली (Police Action) को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
महिला आयोग और उच्च अधिकारियों से शिकायत
जब पीड़ित परिवार को स्थानीय स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई होती नहीं दिखी, तब उन्होंने जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों से संपर्क किया। इसके बाद मामले की लिखित शिकायत छत्तीसगढ़ महिला आयोग (State Women Commission), पुलिस महानिदेशक (DGP) तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच (Fair Investigation) और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
घटना के सामने आने के बाद अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला घरेलू हिंसा (Domestic Violence), महिला सम्मान और कानून व्यवस्था से जुड़े गंभीर मामलों में शामिल हो सकता है। पीड़ित परिवार ने न्याय और सुरक्षा की मांग करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।




