जबलपुर। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. जबलपुर हाईकोर्ट में प्रमोशन में रिजर्वेशन को लेकर चल रही बहुचर्चित कानूनी लड़ाई सोमवार को नए मोड़ पर पहुंच गई। हाई कोर्ट ने फिलहाल प्रमोशन प्रक्रिया पर रोक लगाने या किसी भी पक्ष को अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
जज ने खुद को किया अलग
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विनय सराफ की बेंच के सामने चल रही थी। अंतरिम राहत को लेकर दोनों पक्षों की ओर से विस्तार से दलीलें रखी जा रही थीं। इसी दौरान आरबी राय मामले का जिक्र हुआ। जस्टिस विवेक रूसिया ने बताया कि वह पहले इस मामले में अधिवक्ता के रूप में पेश हो चुके हैं। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने खुद को इस सुनवाई से अलग (रिक्यूज) कर लिया।
अब स्पेशल बेंच करेगी अंतिम सुनवाई
खंडपीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि फिलहाल न तो प्रमोशन प्रक्रिया पर कोई रोक लगाई जाएगी और न ही किसी भी पक्ष को अंतरिम राहत मिलेगी। अब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इस मामले के लिए स्पेशल बेंच गठित करेंगे, जो पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े सभी संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर अंतिम सुनवाई करेगी।
प्रदेश के हजारों अधिकारियों-कर्मचारियों की नजर
मध्यप्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण का यह मामला हजारों शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवा भविष्य से सीधे जुड़ा है। ऐसे में अब सभी की निगाहें स्पेशल बेंच पर टिकी हैं। लंबे समय से लंबित विवाद पर अंतिम और महत्वपूर्ण सुनवाई होने की संभावना है।




