रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से विकास और दावों की हकीकत बयां करती एक बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। ग्राम लौवा लक्ष्मणपुर क्षेत्र में बदहाल और कीचड़ से सराबोर सड़क के कारण एक प्रसूता को न सिर्फ एम्बुलेंस की सुविधा से वंचित होना पड़ा, बल्कि प्रसव के बाद जान जोखिम में डालकर नवजात शिशु के साथ पैदल सफर तय करने को मजबूर होना पड़ा। यह झकझोर देने वाली घटना प्रशासनिक उपेक्षा की जीती-जागती मिसाल बन गई है।
क्षेत्र के नवागांव, खरहरी, सेन्दुरा, बक्छेरा और अमिलिया सहित कई महत्वपूर्ण गांवों को जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर और बदहाल स्थिति में है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसी बदहाली का खामियाजा डगडउआ निवासी एक गर्भवती महिला को भुगतना पड़ा, जो वर्तमान में लौवा लक्ष्मणपुर में रहकर खेती-किसानी करती है।
रास्ता बंद होने से तड़के सुबह घर पर ही हुई डिलीवरी
परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले तड़के सुबह करीब 5 बजे महिला को अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस और अन्य वाहनों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन लगातार हुई बारिश की वजह से रास्ता इस कदर मलबे और गहरे कीचड़ में तब्दील हो चुका था कि कोई भी वाहन गांव के भीतर आने को तैयार नहीं हुआ। यहां तक कि राहगीरों के लिए पैदल निकलने की भी जगह नहीं बची थी। इस भारी लाचारी और बेबसी के बीच, महिला ने तड़पते हुए घर पर ही बच्चे को जन्म दे दिया, जिससे प्रसव के तुरंत बाद जच्चा और बच्चा की स्थिति बेहद गंभीर और नाजुक हो गई।
बदहाल रास्ते पर जान जोखिम में डालकर पहुंचे अस्पताल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घर पर प्रसव होने के बाद भी जब नवजात और मां की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो परिजनों के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा। मजबूरन, उसी जानलेवा और कीचड़ भरे दलदली रास्ते से तड़पती हुई मां और नवजात को किसी तरह पैदल और सुरक्षित साधन के अभाव में उठाकर मुख्य मार्ग तक लाया गया, जहां से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा सका। इस बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाली घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस जर्जर मार्ग पर तुरंत पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।




