Budget 2026: आज एक महत्वपूर्ण बात आपको बताते हैं जो बजट से जुड़ी हुई है जी हां यूनियन बजट के ठीक 1 दिन पहले भारत सरकार के द्वारा इकोनॉमिक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की जाती है, इसके बारे में जानेंगे की आखिर यह रिपोर्ट क्या होती है और कैसे तैयारी होती है.
गौरतलब है कि, हर साल 1 फरवरी को आमतौर पर बजट पेश किया जाता है ऐसे में यह आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 31 जनवरी को फाइनेंस मिनिस्ट्री के द्वारा जारी की जाती है. इस बार बजट 1 फरवरी 2026, दिन रविवार को जारी होने वाला है. और इस बार भी बजट को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी. चलिए समझते हैं इकोनामिक सर्वे रिपोर्ट क्या होती है, इसमें क्या-क्या शामिल होता है, यह क्यों महत्वपूर्ण है और इसे तैयार कौन करते हैं?
Economic Survey Report क्या है?
आर्थिक सर्वे को भारत सरकार की अर्थव्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड कहा जाता है. क्योंकि इसमें पिछले वित्तीय वर्ष की आर्थिक उन्नति चुनौतियां और कमियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है. जिनमें महंगाई दर, रोजगार के आंकड़े, सर्विस क्षेत्र, कृषि क्षेत्र से लेकर फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) और फॉरेन ट्रेड के बारे में भी जानकारी होती है.
गौरतलब है कि, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में भारत सरकार की आर्थिक नीतियों का आकलन किया जाता है. इसके अलावा इनमें उन तरीकों के बारे में भी बताया जाता है, जिनके जरिए अर्थव्यवस्था में और सुधार लाया जा सके या जो पिछले वित्तीय वर्ष में कमियों का सामना किया गया उन्हें पूरा किया जा सके.
बजट से पहले क्यों होता है Economic Survey जारी?
आर्थिक सर्वे को बजट पेश करने के एक दिन पहले इसलिए जारी किया जाता है ताकि आम जनता के साथ ही निवेशकों के साथ ही नीति निर्माता और आम जनता सहित सभी लोगों को देश की अर्थव्यवस्था के बारे में सही जानकारी मिल सके. इस रिपोर्ट में केवल उपलब्धि नहीं बल्कि कमजोरी और आने वाले समय में किस प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है उनके बारे में भी विस्तार से जानकारी होती है. इसमें समस्याओं के समाधान के लिए भी जानकारी दी जाती है.
कैसे और कौन करता है तैयार?
सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब यह है कि आखिर आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट कौन तैयार करता है तो आपको बताएं मुख्य तौर पर वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आर्थिक कार्य विभाग और मुख्य आर्थिक सलाहकार के नेतृत्व में तैयार की जाती है. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर रही टीम में कई विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री होते हैं. ताकि अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े सही तरीके से प्रदर्शित किए जा सके. इतना ही नहीं आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी करने वालों को इस बात का ध्यान रखना होता है की किसी भी प्रकार की कोई गलती ना होने पाए. क्योंकि यह किसी के घर का बजट नहीं बल्कि पूरे देश का बजट होता है.




