भोपाल। त्विषा शर्मा मौत मामले में न्यायिक हिरासत में बंद रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में मुलाकात की। गिरिबाला सिंह ने जेल की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए किसी भी प्रकार की शिकायत से इनकार किया।
महिला बंदियों को मिले सम्मान जनक वातावरण
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव ने कहा कि सुधारगृह केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मविश्वास और पुनर्वास का केंद्र होना चाहिए। महिला बंदियों को सम्मानजनक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक महिला को उसके अधिकारों, सम्मान और न्याय तक पहुंच प्राप्त हो।
लिया जायजा
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती यादव एवं सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने महिला बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया।
यहां का किया निरिक्षण
निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम ने महिला वार्ड, चिकित्सालय, रसोईघर, पुस्तकालय, सांस्कृतिक कक्ष, आर्ट एवं क्राफ्ट सेंटर तथा ब्यूटी पार्लर का अवलोकन किया। सांस्कृतिक कक्ष में महिला बंदियों द्वारा संचालित ऑर्केस्ट्रा दल ने भजन प्रस्तुत किए, जिसकी आयोग की अध्यक्ष एवं सदस्य ने सराहना करते हुए इसे सकारात्मक मानसिक विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन की दिशा में प्रभावी पहल बताया।
आयोग की टीम ने ली जानकारी
महिला बंदियों से संवाद के दौरान उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों और पुनर्वास गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर बंदियों द्वारा आर्ट एवं क्राफ्ट सेंटर में तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों का अवलोकन भी किया गया। श्रीमती यादव ने महिला बंदियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज में नई पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग के सचिव श्री सुरेश तोमर, केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक श्री राकेश भांगरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




