मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना। मध्यप्रदेश के 18 से 45 वर्ष आयु के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चलाई जा रही, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख स्वरोजगार योजना है, जो शिक्षित युवाओं को अपना उद्योग,व्यवसाय स्थापित करने के लिए 1 लाख से 50 लाख तक का ऋण प्रदान करती है। इस योजना में 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान, गारंटी शुल्क और 7 वर्षों तक ऋण सहायता उपलब्ध है। यह योजना 18-45 वर्ष के उद्यमियों के लिए है, जिसे 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखा गया है। इस योजना का विस्तार 2031 तक कर दिया गया है और इसमें 905 करोड़ से अधिक का व्यय शामिल है।
ऐसी है ऋण योजना
योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ऋण सीमाएं निर्धारित की गई हैं। सेवा क्षेत्र और खुदरा व्यवसाय के लिए न्यूनतम 50 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 25 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है। वहीं, यदि कोई युवा उद्योग या विनिर्माण क्षेत्र में अपनी इकाई स्थापित करना चाहता है, तो उसे 50 हजार रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक की बड़ी वित्तीय सहायता मिल सकती है। इससे युवाओं को न केवल खुद का रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे।
मुख्य विवरण और लाभ
ऋण सीमाः विनिर्माण के लिए 1 लाख से 50 लाख, और सेवा, व्यापार के लिए 1 लाख से 25 लाख तक का लोन।
ब्याज अनुदानः सरकार 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है।
पात्रताः 18-45 वर्ष की आयु, न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण, और मध्य प्रदेश का मूल निवासी।
उद्देश्यः युवाओं को नौकरी खोजने वाले के बजाय नौकरी देने वाला (उद्यमी) बनाना।
आवेदन कैसे करेंः पात्र युवा आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेजः आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण (10वीं की मार्कशीट), पैन कार्ड, बैंक पासबुक, और परियोजना रिपोर्ट।
