मऊगंज। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया है। उसके मौत की वजह नीट का पेपर निरस्त होना सामने आ रहा है। परिजनों के अनुसार मऊगंज जिले के पगरिया गांव की रहने वाली आंकाक्षा चर्तुवेदी का नागपुर में स्थित कमरें में लटकता हुआ शव पाया गया है। वह नागपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी और हाल ही में उसने नीट परीक्षा में हिस्सा लिया था। परिजनों का कहना है कि परीक्षा के बाद वह उत्साहित थी और उसे उम्मीद थी कि जिस तरह से उसने परीक्षा में प्रश्न पत्र तैयार किए है उससे उसका चयन नीट में हो जाएगा।
परीक्षा निरस्त होने से थी मायूस
परिजनों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताए है कि नीट की परीक्षा निरस्त होने के बाद से आंकाक्षा मायूस थी। वह सही ढ़ग से खाना-पीना भी नही खा रही थी। परिजनों के अनुसार नागपुर में पिता कुक का काम करके बेटी के सपने को पूरा करने में लगे हुए थें। इतना ही नही वे बेटी की पढ़ाई के लिए कर्ज भी ले रखे थें, लेकिन परीक्षा निरस्त हो जाने से शायद उसका सपना टूट गया और आंकाक्षा इतना ज्यादा खफा हो गई कि उसने मौत की राह चुन लिया।

सुसाइड नोट में लिखी ऐसी बात
परिजनों के अनुसार मौत से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा है। जिसमें पाया गया है कि आंकाक्षा ने लिखा कि मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना। डॉक्टर बनने का सपना शायद पूरा नही हो पाएगा, क्योकि दोबारा पेपर देने की हिम्मत नहीं है।
गरमाई सियासत
नीट पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष लगातार हमला बर है तो वही मऊगंज जिले की छात्रा के सुसाइड मामले को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार पर सवाल उठाए है। सोमवार को एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष समेत पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना ने प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार की इस नाकामी का विरोध करेगी और पीड़ित परिवार के कर्ज मुक्त का प्रयास करेगी।




