रीवा। विंध्य की धरती प्रतिभाओं से धनी है और इसका ताजा उदाहरण रीवा शहर के इंदिरा नगर निवासी अवधेश कुमार द्विवेदी ने पेश किया है। अवधेश ने आधुनिक क्रिकेट के महानायक और पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली के जीवन पर आधारित एक बेहद शानदार और प्रेरणादायक पुस्तक लिखी है। अवधेश वर्तमान में भोपाल से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन अपनी तकनीकी पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने लेखन के क्षेत्र में रीवा का नाम रोशन किया है।
साधारण खिलाड़ी से ‘किंग कोहली’ बनने का सफर
अवधेश कुमार द्विवेदी द्वारा लिखित यह पुस्तक महान भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली की गौरवशाली और संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा पर केंद्रित है। इस कृति में बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है कि कैसे दिल्ली का एक साधारण सा लड़का अपनी कड़ी मेहनत के दम पर विश्व क्रिकेट के शिखर तक पहुंचा और ‘किंग कोहली’ कहलाया। पुस्तक में विराट के टेस्ट करियर, उनकी अद्भुत बल्लेबाजी शैली और बतौर कप्तान भारतीय क्रिकेट में उनके ऐतिहासिक योगदान का विस्तृत और सजीव वर्णन किया गया है।
भारतीय टीम में ‘जीत की संस्कृति’ और आक्रामकता का दौर
लेखक ने पुस्तक में विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया है कि विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट टीम में जीत की एक नई संस्कृति, ऊर्जा और आक्रामकता का संचार किया। उनकी कप्तानी के उस दौर को भी इस किताब में पिरोया गया है, जब भारत ने विदेशी धरती पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों को उनके घर में मात देकर कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की थीं।
युवाओं को सपनों को साकार करने की देगा प्रेरणा
यह पुस्तक केवल क्रिकेट के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के कड़े इम्तिहानों को पास करने का मंत्र देती है। पुस्तक का मूल संदेश यही है कि प्रतिभा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, वह केवल कड़ी मेहनत, कड़े अनुशासन और धैर्य से ही सफलता के मुकाम तक पहुँचती है।
मैदान पर विराट कोहली का जुनून और फिटनेस के प्रति उनका अद्वितीय समर्पण आज देश और दुनिया के करोड़ों युवाओं को प्रेरित करता है। अवधेश की यह कृति हर उस पाठक और युवा के लिए एक मार्गदर्शिका साबित होगी, जो तमाम चुनौतियों और विपरीत परिस्थितियों के बीच अपने सपनों को हकीकत में बदलना चाहता है। रीवा के इस युवा लेखक की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी है।




