रीवा। शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत पैपखरा गांव से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक घर में गैस सिलेंडर रिसाव के कारण लगी भीषण आग में झुलसे दो भाइयों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों के चाचा दीपनारायण शुक्ला ने बताया कि उनके भतीजे यशोदानंदन शुक्ला और महज 11 वर्षीय मासूम दिव्यांश शुक्ला की संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। दोनों भाइयों ने जिंदगी और मौत की इस जंग में महज 12 घंटे के अंतराल में दम तोड़ा, जिससे पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
बछड़े के टकराने से निकली पाइप, देखते ही देखते मलबे में बदला आशियाना
यह खौफनाक और दर्दनाक हादसा 26 मई की रात को घटित हुआ। उस समय घर के आंगन में चूल्हे पर रात का खाना पकाया जा रहा था। इसी दौरान कमरे में रखे गैस सिलेंडर की पाइप से एक बछड़ा टकरा गया, जिससे पाइप रेगुलेटर से अलग हो गई। चूंकि रेगुलेटर खुला हुआ था, इसलिए अत्यधिक ज्वलनशील गैस तेजी से रिसकर पूरे घर में फैल गई। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, गैस ने आंगन में जल रहे चूल्हे की आग को पकड़ लिया। आग ने तुरंत ही विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में घर का सारा कीमती सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया।
एक ही परिवार के 5 लोग झुलसे, दो की हालत अब भी नाजुक
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि घर में मौजूद परिवार के पांच लोग इसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। इनमें से चार लोगों की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल रीवा के संजय गांधी अस्पताल (SGMH) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे दो भाइयों की तो मौत हो गई, लेकिन परिवार के दो अन्य सदस्य, इंद्रकली शुक्ला और अंशुमान, अभी भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, इन दोनों घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए चोरहटा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है ताकि हादसे के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू गैस के रख-रखाव में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित किया है।




