एमपी न्यूज। मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की थोक के भाव अदला-बदली शुरू हो गई हैं। आदेश के तहत 15 जून तक सभी विभाग अपने यहां स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर अधिकारी, कर्मचारी के तबादले कर सकेंगे। इस आदेश के तहत विभागों में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। ज्ञात हो कि तबादलें पर लगी रोक को सरकार जून माह में हटाती है। जिससे अधिकारी-कर्मचारी इधर-से-उधर किए जाते है। तबादले को लेकर बनाई गई नीति के तहत कर्मचारियों की डिमांड पर उन्हे मन पंसद जगह में भेजा जाएगा तो कुछ ऐसे भी अधिकारी कर्मचारी है, जिनका तबादला शासन की नीति के तहत किया जाएगा। ऐसे में उन्हे दूसरे शहरों की ओर रूख करना पड़ेगा।
पुलिस विभाग में तबादलें
जो जानकारी आ रही है उसके तहत पुलिस विभाग में पीएचक्यू द्वारा 5 जून तक आरक्षक से एसआई का तबादला करने के निर्देश दिए गए है। जिसके तहत एक ही थाना में 3 वर्ष से ज्यादा काम कर रहे पुलिस कर्मियों को दूसरी जगह पदस्थ किया जाएगा। पूर्व में यह आदेश जारी किया गया था। इस नियम का पालन करते हुए पुलिस कर्मियों का तबादला सूची जल्द ही जारी होने की उम्मीद है क्योकि आदेश के तहत जिलों में एसपी और पुलिस आयुक्तों ने बदलाव शुरू कर दिया है।
शिक्षा-स्वास्थ में भी तबादले
तबादला वैन हटने के बाद शिक्षा एवं स्वास्थ विभाग समेत कई अन्य विभागों ने एक जून तक जिलों में पदस्थ अफसरों के पूरी डिटेल मांगी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने संविदा पर पदस्थ कर्मचारी अधिकारी से दो जून तक ऑनलाइन आवेदन करने को कहा है।
मोहन कैबिनेट ने 20 मई को दी थी मंजूरी
ज्ञात हो कि मोहन कैबिनेट ने 20 मई की बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को वर्ष 2026 की तबादला नीति जारी कर दी है। जिसके तहत विभागों में तबादले की तैयारी पूरी कर ली गई और अब 1 जून से तबादला नीति के आधार पर स्थानांतरण आदेश जारी किए जा रहे है।
तबादले को लेकर इस तरह के बनाए गए है रूल
तबादला करने के लिए जो रूल बनाए गए है उसके तहत स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं उनमें 20 प्रतिशत तक तबादले होंगे। जिन विभागों में 200 से 1000 तक कर्मचारी हैं वहां 15 प्रतिशत तक तबादले किए जाएंगे, जबकि 1000 से 2000 तक अगर किसी विभाग में कर्मचारी है तो ऐसे विभागों में 10 प्रतिशत तक और 2001 से अधिक कर्मचारी संख्या वाले विभागों में पांच प्रतिशत तबादले किए जाएंगे। तबादला नीति में पति-पत्नी को एक स्थान पर किए जाने वाले तबादले और दूसरा, पति-पत्नी की बीमारी के मामलों में होने वाले तबादले को तबादला नीति से बाहर रखा गया है।
तबादला नीति के मुख्य बिंदु:
- सीमा (कोटा): सभी विभागों में कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तबादलों का कोटा तय किया गया है। 200 तक कर्मचारियों वाले विभाग में 20%, 201 से 1000 वालों में 15%, 1001 से 2000 वालों में 10% और 2000 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 5% तबादले ही होंगे। [1, 2]
- छूट: आपसी स्थानांतरण (Mutual Transfer) और स्वैच्छिक तबादले इस निर्धारित सीमा में नहीं गिने जाएंगे। [1]
- इनको मिली राहत: महिला कर्मचारियों (विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित, परित्यक्ता) को गृह जिले में पदस्थ करने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। [1]
- इनका ट्रांसफर नहीं: आगामी जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी गई है।




