नईदिल्ली। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट में जो हुआ, उसने विमान में सवार लोगों की जान खतरे में डाल दी थी। कॉकपिट में मौजूद को-पायलट ने भारतीय कैप्टन Smit Machchhar पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्री और क्रू कॉकपिट तक पहुंच सके और हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
नेतन्याहू ने कहा- यह अविश्वसनीय साहस था
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कैप्टन Smit Machchhar की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा क्रू को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया।Netanyahu ने कैप्टन मच्छार को “true hero” बताया और कहा कि उनके साहस ने एक बड़ी विमान त्रासदी को टालने में मदद की। इजराइली प्रधानमंत्री Netanyahu ने विमान में मौजूद यात्री Yaniv Hayoun से बात करते हुए कहा कि अगर ये लोग कॉकपिट तक नहीं पहुंचते तो दूसरा 9/11” हो सकता था।
पीएम मोदी ने कहा- कैप्टन स्मित HERO हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन Smit Machchhar की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने गंभीर खतरे के बावजूद अद्भुत धैर्य, सूझ-बूझ और साहस दिखाया और बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। मोदी ने भी 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने का जिक्र किया।
आखिर 30 सितंबर को फ्लाइट में हुआ क्या था।
फ्लाइट FZ1073 ने Dubai International Airport से Tel Aviv के लिए उड़ान भरी थी। विमान में 174 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन Smit Machchhar और को-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किया और इसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया और इस दौरान 7700 emergency code तथा बाद में 7500 code transmit हुआ। 7500 code विमान में unlawful interference यानी संभावित hijacking जैसी स्थिति का संकेत देता है। इजराइल में संभावित hijacking की आशंका बढ़ गई और सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की गई। लेकिन इसी बीच घायल कैप्टन Smit Machchhar ने cockpit का दरवाजा खोल दिया।
यहीं से यात्रियों और क्रू ने स्थिति संभालने में अहम भूमिका निभाई। विमान में मौजूद यात्री Yaniv Hayoun और एक crew member cockpit में पहुंचे। Hayoun के मुताबिक उन्होंने हमलावर को पीछे खींचा, जबकि विमान तेजी से नीचे जा रहा था। उन्होंने aircraft के controls को पकड़कर विमान को level करने की कोशिश की। इसके बाद विमान में मौजूद off-duty pilots ने control संभाला। फ्लाइट को Saudi Arabia के Tabuk की तरफ divert किया गया और वहां विमान की emergency landing कराई गई। सभी यात्री सुरक्षित रहे। कैप्टन Smit Machchhar और को-पायलट दोनों घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। भारतीय दूतावास के मुताबिक कैप्टन मच्छार की हालत stable बताई गई है। घटना के बाद आरोपी को Saudi Arabia में गिरफ्तार किया गया। इजराइली अधिकारियों ने उसे Omani national बताया है
भारतीय पायलट, जिसकी बहादुरी की आज पूरी दुनिया में चर्चा
कैप्टन Smit Machchhar मुंबई से हैं और एक अनुभवी commercial pilot हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने करीब 11 साल SpiceJet में काम किया और जून 2022 में Flydubai से जुड़े। उनके पास करीब 9,750 घंटे का flying experience बताया गया है और उन्होंने Boeing 737 family के aircraft उड़ाए हैं। यानी जब कॉकपिट में उन पर हमला हुआ, तब उनके सामने सिर्फ अपनी जान बचाने की चुनौती नहीं थी। उनके सामने विमान में मौजूद सैकड़ों लोगों की जिंदगी भी थी।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद cockpit door खोलना उनके सबसे अहम फैसलों में से एक साबित हुआ। इसी वजह से passengers और crew अंदर पहुंच पाए और attacker को काबू करने की कोशिश शुरू हुई। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu तक ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ की है। और इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि अगर cockpit तक कोई हमलावर पहुंच जाए तो कुछ ही सेकंड में सैकड़ों लोगों की जिंदगी किस तरह खतरे में पड़ सकती है।
हालांकि घटना के पीछे की पूरी मंशा और कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ, इसकी जांच अभी जारी है। Flydubai ने भी जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है। लेकिन इतना जरूर है कि उस वक्त कैप्टन Smit Machchhar के एक फैसले ने बाकी लोगों को cockpit तक पहुंचने का मौका दिया और एक संभावित बड़ी विमान त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाई।
- घटना: दुबई से तेल अवीव (इज़राइल) जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में उनके ओमानी सह-पायलट (Co-pilot) ने उन पर अचानक चाकू से हमला कर दिया था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।
- साहस: गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने विमान का नियंत्रण नहीं छोड़ा और सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा।
- अनुभव: मूल रूप से गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित के पास 13 साल से अधिक का विमानन अनुभव है। वह जून 2022 से [फ्लाईदुबई](index:0.6.5, 0.6.12) के साथ जुड़े हैं और इससे पहले करीब 11 साल तक स्पाइसजेट (SpiceJet) में सीनियर कमांडर व लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में काम कर चुके हैं।
- सम्मान: उनके इस असाधारण साहस के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वैश्विक स्तर पर उन्हें एक ‘हीरो’ के रूप में सराहा गया है।




