सीधी जिले के कुसमी स्थित संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व में मानसून के तीन महीने के अंतराल के बाद 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए जंगल सफारी का नया सत्र पुनः आरंभ हो गया है। सत्र के पहले दिन 9 पर्यटकों ने जंगल घूमने के लिए बुकिंग कराई, जिन्हें वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में सुरक्षित रूप से सफारी कराई गई। मानसून के दौरान रास्तों के खराब होने और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सफारी बंद रखी गई थी, जो अब 1 अक्टूबर से शुरू होकर आगामी 30 जून तक चलेगी।
यह टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है, जहां 32 प्रकार के स्तनधारी, 152 प्रजातियों के पक्षी और कई सरीसृप पाए जाते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, चीतल, नीलगाय, चिंकारा और सांभर जैसे वन्यजीवों के दीदार का अवसर मिलता है। इसके अलावा, इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी बहुत खास है क्योंकि दुनिया का पहला सफेद बाघ ‘मोहन’ इसी इलाके में खोजा गया था।
डीएफओ राजेश कन्ना टी ने बताया कि टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके साथ ही इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि पर्यटकों को आसानी से जंगली जानवरों के दर्शन हो सकें और उनकी सुरक्षा व सुविधा में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे।




