सीधी: कुसमी में सजी पहली ‘महिला किसान चौपाल’, लोकगीतों के जरिए सीखा प्राकृतिक खेती का गुर

The first 'Women Farmers' Chaupal' was organized in Sidhi.

सीधी: जिले के आदिवासी बाहुल्य कुसमी विकासखंड के पोड़ी गांव में रविवार को एक अनूठी पहल देखने को मिली। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत यहाँ प्रदेश की पहली ‘महिला किसान चौपाल’ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य खेती-किसानी में महिलाओं की भूमिका को केवल मजदूरी तक सीमित न रखकर उन्हें निर्णय लेने और उन्नत तकनीक अपनाने के लिए सशक्त बनाना था।

पुष्पवर्षा कर महिला शक्ति का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कलेक्टर विकास मिश्रा, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने महिला किसानों का पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार करने वाली महिला कृषकों को शाल-श्रीफल देकर सम्मानित भी किया गया।

रितु सिंह के लोकगीत ने मोहा मन
चौपाल का मुख्य आकर्षण महिला किसान रितु सिंह की प्रस्तुति रही। उन्होंने स्थानीय लोकभाषा में एक मधुर गीत के माध्यम से कम लागत में खेती करने का मंत्र दिया। गीत के जरिए उन्होंने बताया कि कैसे गुड़, गोबर और गौमूत्र के मिश्रण से प्राकृतिक खेती कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।

अनुभवों का साझा और बीज वितरण
चौपाल में महिलाओं ने केवल सुना ही नहीं, बल्कि जैविक खेती, पारंपरिक बीज संरक्षण और उन्नत कृषि पद्धतियों पर अपने अनुभव भी साझा किए। प्रशासन की ओर से इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को मूंग के बीज वितरित किए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कुसमी से शुरू हुई यह चौपाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं को नेतृत्वकारी भूमिका में लाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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