जांजगीर-चांपा। एक वर्ष पूर्व रोजी-रोटी के लिए छत्तीसगढ़ के युवक जम्मू-कश्मीर गये हुए थें, जंहा वह आंतकियों की गोली का निशान बन गये। खबरों के तहत हमलाबरों ने पहले पहचान पूछी और फिर अंधाधुंध गोलिया चलाना शुरू कर दिए। जिससे छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी 21 वर्षीय दीपक रात्रे और भूपेन्द्र नामक युवक की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार की रात 8.30 बजे जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले से सामने आ रही है।
आतंकियों ने मजदूरों को बनाया निशाना
कुलगाम जिले के केल्लाम (किल्लम) इलाके में आतंकवादियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो गैर-स्थानीय मजदूरों को पहचान पूछकर गोली मार दी। इस कायराना टारगेट किलिंग की इस घटना में दोनों मजदूरों की मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही बुंदेली सहित हरदीडीह गांव में शोक की लहर दौड़ गई और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पत्नी और भाई के साथ गया था कुलगाव
जानकारी के तहत करीब एक वर्ष पहले वह अपनी पत्नी और भाई के साथ रोजी-रोटी की तलाश में जम्मू-कश्मीर गया था, जहां वह ईंट भट्ठे में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। घटना की जानकारी देर रात सक्ती प्रशासन को मिली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम मृतक के स्वजनों के घर पहुंची और उन्हें घटना की सूचना दी। जिला प्रशासन मृतक के पार्थिव शरीर को जम्मू-कश्मीर से सक्ती लाने के लिए पहल कर रहा है।
हमले की मुख्य बातें
- तारीख और समय: 31 जुलाई 2026, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे।
- स्थान: केल्लाम (किल्लम) गांव, कुलगाम जिला, दक्षिण कश्मीर।
- पीड़ित: छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो मजदूर (दीपक रात्रे और भूपेंद्र), जिनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- हताहत: एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे मजदूर ने श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सुरक्षा कार्रवाई और स्थिति
- जिम्मेदारी: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तै से जुड़े संगठन टीआरएफ (TRF) ने ली है।
- सर्च ऑपरेशन: घटना के तुरंत बाद सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया।




