सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले से विकास के दावों की पोल खोलती एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई है। जिले के छुहिया गांव में पक्की सड़क न होने के कारण शुक्रवार को एक बीमार बुजुर्ग को खाट पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ा। स्वास्थ्य बिगड़ने पर परिजनों ने एंबुलेंस बुलाई थी, लेकिन गांव तक सड़क और रास्ता न होने के कारण वाहन अंदर नहीं पहुंच सका, जिसके बाद ग्रामीणों को मजबूरन खाट का सहारा लेना पड़ा। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे रामपति शाह की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों के मुताबिक, उनके शरीर में तेज दर्द था और शरीर का एक हिस्सा काम करना बंद कर दिया था। इस आपात स्थिति में भी वाहन न पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों ने उन्हें खाट पर लादा और पैदल ही अस्पताल के लिए रवाना हुए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पक्की सड़क न होने से ग्रामीणों का जीवन बेहाल
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, छुहिया गांव में करीब 30 से 35 मकान हैं, लेकिन आज तक यहां तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं बन पाई है। इस समस्या को उजागर करते हुए पूजा शाह ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया है और आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान नेता और अधिकारी आकर बड़े-बड़े वादे और सड़क बनवाने का भरोसा तो देते हैं, लेकिन धरातल पर काम कुछ नहीं होता। ग्रामीणों का दर्द है कि बारिश के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक बंद हो जाता है और कई बार लोग फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और सियासत शुरू
इस गंभीर मामले पर जब सीधी जनपद पंचायत के सीईओ चंदूलाल पनिका से संपर्क किया गया, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए यह कहकर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया कि “यह मेरा मामला नहीं है।” दूसरी ओर, इस अमानवीय स्थिति को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मेंद्र सिंह बघेल ने कड़ा रोष जताते हुए कहा कि छुहिया गांव की सड़क की यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराएंगे।




