एमपी वेदर। मानसून सत्र शुरू हो गया है, लेकिन मानसून की चाल धीमी होने के चलते इस वर्ष अनुपात के हिसाब से बारिश पिछड़ गई है। मध्यप्रदेश में जून के मध्य तक बारिश शुरू हो जाती है और मानसून की गतिविधिया तेज होने लगती है, लेकिन इस वर्ष मानसून अभी तक नही पहुचा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सैटेलाइट से मानसूनी गतिविधी गायब है, ऐसे में बारिश को लेकर चिंता बढ़ रही है कि मानसून कंमजोर हुआ तो एमपी में किसानों के लिए समस्या उत्पन्न होगी और उनकी बोनी का काम प्रभावित होगा।
39 फीसदी कंम हुई बारिश
मध्यप्रदेश में 1 जून से 18 जून के बीच सामान्य से 39 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में प्रदेश में औसतन 46.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, इस वर्ष अभी तक इस अवधि में केवल 28.4 मिमी वर्षा हुई है। अनूपपुर, बालाघाट, दमोह, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन जैसे जिलों में आधा इंच बारिश भी दर्ज नहीं हुई है।
इन क्षेत्रों में हुई बारिश
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, सतना और सीधी समेत कई जिलों में 1 से 4 इंच तक पानी गिरा है, लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह मात्रा अभी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
इन जिलों में बारिश की संभावना
आगामी 24 घंटो के दौरान एमपी के भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, रतलाम, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत 39 जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
यहां सताएगी गर्मी
मौसम के मिजाज से रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, कटनी, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर और झाबुआ समेत कई क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।




